{"_id":"5b2aa3de4f1c1b2b428b5e20","slug":"51529521118-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंतनगर में बंधक बनाकर लूटपाट, ट्रांसपोर्टर घायल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पंतनगर में बंधक बनाकर लूटपाट, ट्रांसपोर्टर घायल
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। शहर के पंतनगर में बुधवार को दिनदहाड़े ट्रांसपोर्टर के परिवार को बंधक बनाकर बदमाशों ने दो लाख की नगदी और तीन मोबाइल लूट लिए। ट्रांसपोर्टर ने एक बदमाश को पकड़ लिया। दोनों में काफी देर गुत्थम-गुत्था होती रही। बाद में बदमाश ने तमंचे की बट से ट्रांसपोर्टर को लहूलुहान कर खुद को छुड़ा लिया। इस दौरान एक कारतूस भी सड़क पर गिर गया। पुलिस देर शाम तक कार सवार बदमाशों की तलाश में लगी रही।
सदर बाजार के पंत नगर निवासी चंदर भटीजा की ट्रांसपोर्टनगर में ट्रांसपोर्ट कंपनी है। बुधवार को दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब चंदर की पत्नी सोनिया भटीजा और उसके तीन बच्चे नियति, चैरी और वैदिक घर में मौजूद थे। इसी समय मेन दरवाजे से 3-4 बदमाश अंदर दाखिल हुए। इनमें से एक बदमाश ने सोनिया से पूछा कि चंदर कब आएगा, उसने उनका सामान रख-रखा है। सोनिया ने जवाब दिया कि उनके आने का कोई समय नहीं। इसके बाद बदमाशों ने तमंचा निकालकर सोनिया और उसके तीनों बच्चों की तरफ तान दिए। कमरे में बंद कर सोनिया से घर में रखे हुए कैश के बारे में पूछा। सोनिया ने ना-नुकुर की तो एक बदमाश ने कहा कि लगता है बच्चों की जिंदगी प्यारी नहीं है। बदमाशों ने परिवार को एक तरफ कर अलमारी और बेड आदि खंगाल लिया। बदमाशों ने बेड में रखी हुई करीब दो लाख की नगदी उठा ली। सोनिया के दोनों मोबाइल भी कब्जे में ले लिए। इसके बाद दो बदमाशों ने पहली मंजिल में रखी अलमारियों आदि का सामान बाहर फेंककर तलाशी ली। इसी बीच दूधिए रियाज ने बाहर से दूध लेने की आवाज लगाई। बदमाशों ने सोनिया को अंदर रहने को कहा। रियाज बाहर खड़ा था, तभी ट्रांसपोर्टर चंदर भटीजा भी आ गए। घर के बाहर सफेद रंग की कार देखकर उनका माथा ठनक गए। अंदर जाते ही बदमाशों ने उन्हें भी कवर कर लिया। मोबाइल छीनने के बाद रकम देने की बात कही। गरमा-गरमी के बीच परिवार ने शोर मचाया तो बदमाश बाहर की तरफ भाग लिए। भागते समय चंदर ने एक बदमाश को पकड़ लिया। गुत्थम-गुत्था करते हुए बदमाश और ट्रांसपोर्टर घर के बाहर सड़क पर आ गए। दूसरे बदमाश ने तमंचा तानते हुए साथी को छोड़ने के लिए कहा। इसी दौरान बदमाश ने अपने कपड़ों से तमंचा निकालकर उसकी बट ट्रांसपोर्टर के सिर में मार दी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। इसी का फायदा बदमाश चंदर के चुंगल से निकलकर अपने साथियों के साथ कार में फरार हो गया। घायल चंदर ने पड़ोसी के साथ पुलिस चौकी पर पहुंचे।
दिनदहाड़े लूट की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कार की घेराबंदी करने का प्रयास भी किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से काफी देर बातचीत की। पुलिस ने पड़ोसियों के अलावा दूध देने आए रियाज के भी बयान लिए। सीओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल कराई जा रही है।
विज्ञापन
----
जेवर नहीं ले गए बदमाश
लूटपाट के दौरान बदमाश घर से नगदी के अलावा जेवरात नहीं ले गए हैं। सीओ ने बताया कि बदमाशों ने नगदी के अलावा किसी तरह की डिमांड नहीं की। अलमारी में ज्वैलरी रखी हुई थी, मगर बदमाश नहीं ले गए।
---
सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए
पुलिस ने लूटपाट में प्रयुक्त सफेद रंग की डीएल-78 नंबर की कार का पूरा नंबर पता करने को आसपास के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। पुलिस को फुटेज से काफी कुछ मिलने की उम्मीद है।
--
हर मंगलवार को आती है पेमेंट
चंदर भटीजा की ट्रांसपोर्ट की शाखाएं रुड़की, मंगलौर लक्सर, लंढौरा, ज्वालापुर, ऋषिकेश में भी है। यहां से हर मंगलवार को पेमेंट आती है। हालांकि चंदर का कहना था कि इस मंगलवार को उन्हें पेमेंट नहीं मिली है। हो सकता है कि बदमाशों को घर में कैश होने की जानकारी हो।
विज्ञापन
सदर बाजार के पंत नगर निवासी चंदर भटीजा की ट्रांसपोर्टनगर में ट्रांसपोर्ट कंपनी है। बुधवार को दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब चंदर की पत्नी सोनिया भटीजा और उसके तीन बच्चे नियति, चैरी और वैदिक घर में मौजूद थे। इसी समय मेन दरवाजे से 3-4 बदमाश अंदर दाखिल हुए। इनमें से एक बदमाश ने सोनिया से पूछा कि चंदर कब आएगा, उसने उनका सामान रख-रखा है। सोनिया ने जवाब दिया कि उनके आने का कोई समय नहीं। इसके बाद बदमाशों ने तमंचा निकालकर सोनिया और उसके तीनों बच्चों की तरफ तान दिए। कमरे में बंद कर सोनिया से घर में रखे हुए कैश के बारे में पूछा। सोनिया ने ना-नुकुर की तो एक बदमाश ने कहा कि लगता है बच्चों की जिंदगी प्यारी नहीं है। बदमाशों ने परिवार को एक तरफ कर अलमारी और बेड आदि खंगाल लिया। बदमाशों ने बेड में रखी हुई करीब दो लाख की नगदी उठा ली। सोनिया के दोनों मोबाइल भी कब्जे में ले लिए। इसके बाद दो बदमाशों ने पहली मंजिल में रखी अलमारियों आदि का सामान बाहर फेंककर तलाशी ली। इसी बीच दूधिए रियाज ने बाहर से दूध लेने की आवाज लगाई। बदमाशों ने सोनिया को अंदर रहने को कहा। रियाज बाहर खड़ा था, तभी ट्रांसपोर्टर चंदर भटीजा भी आ गए। घर के बाहर सफेद रंग की कार देखकर उनका माथा ठनक गए। अंदर जाते ही बदमाशों ने उन्हें भी कवर कर लिया। मोबाइल छीनने के बाद रकम देने की बात कही। गरमा-गरमी के बीच परिवार ने शोर मचाया तो बदमाश बाहर की तरफ भाग लिए। भागते समय चंदर ने एक बदमाश को पकड़ लिया। गुत्थम-गुत्था करते हुए बदमाश और ट्रांसपोर्टर घर के बाहर सड़क पर आ गए। दूसरे बदमाश ने तमंचा तानते हुए साथी को छोड़ने के लिए कहा। इसी दौरान बदमाश ने अपने कपड़ों से तमंचा निकालकर उसकी बट ट्रांसपोर्टर के सिर में मार दी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। इसी का फायदा बदमाश चंदर के चुंगल से निकलकर अपने साथियों के साथ कार में फरार हो गया। घायल चंदर ने पड़ोसी के साथ पुलिस चौकी पर पहुंचे।
विज्ञापन
दिनदहाड़े लूट की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कार की घेराबंदी करने का प्रयास भी किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से काफी देर बातचीत की। पुलिस ने पड़ोसियों के अलावा दूध देने आए रियाज के भी बयान लिए। सीओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल कराई जा रही है।
विज्ञापन
----
जेवर नहीं ले गए बदमाश
लूटपाट के दौरान बदमाश घर से नगदी के अलावा जेवरात नहीं ले गए हैं। सीओ ने बताया कि बदमाशों ने नगदी के अलावा किसी तरह की डिमांड नहीं की। अलमारी में ज्वैलरी रखी हुई थी, मगर बदमाश नहीं ले गए।
---
सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए
पुलिस ने लूटपाट में प्रयुक्त सफेद रंग की डीएल-78 नंबर की कार का पूरा नंबर पता करने को आसपास के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। पुलिस को फुटेज से काफी कुछ मिलने की उम्मीद है।
--
हर मंगलवार को आती है पेमेंट
चंदर भटीजा की ट्रांसपोर्ट की शाखाएं रुड़की, मंगलौर लक्सर, लंढौरा, ज्वालापुर, ऋषिकेश में भी है। यहां से हर मंगलवार को पेमेंट आती है। हालांकि चंदर का कहना था कि इस मंगलवार को उन्हें पेमेंट नहीं मिली है। हो सकता है कि बदमाशों को घर में कैश होने की जानकारी हो।