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तीन भाइयों ने खड़ा कर दिया नकली नोटों का पूरा रैकेट
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:38 AM IST
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सहारनपुर। शामली के तीन सगे भाइयों ने खड़ा कर डाला नकली नोटों का कारोबार। लोगों को ठगने के लिए नकली सोने की ईंट भी तैयार करा ली। बिहारीगढ़ पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हुआ। अभी तीसरा भाई फरार चल रहा है।
ग्राम पीर बोडोली, थाना झिंझाना, जिला शामली के निवासी अनवर, रफीक उर्फ मुल्लाजी तथा नसीम तीनों भाइयों ने नकली नोटों का कारोबार खड़ा कर डाला। अपने साथ देहरादून एवं सहारनपुर के अन्य लोगों को जोड़कर नकली नोटों की सप्लाई के लिए बड़ा रैकेट बना लिया। शामली से आकर सहारनपुर के कोतवाली देहात स्थित ग्राम रसूलपुर में इन्होंने नकली नोटों के छापने का काम करना शुरू कर दिया। इनमें से एक भाई अनवर फिलहाल धर्मपुर चौक, थाना नेहरू कालोनी, देहरादून में रह रहा था, मुहम्मद रफीक उर्फ मुल्लाजी निवासी का पता ग्राम गंदेवड़ा थाना फतेहपुर सहारनपुर, जबकि तीसरा भाई नसीम सहारनपुर में ही रह रहा था। इनके रैकेट में सहारनपुर, देहरादून के अलावा कई अन्य जिलों के लोग भी शामिल हैं। जिनमें से कुछ को सदर कोतवाली पुलिस दो माह पूर्व गिरफ्तार कर चुकी है।
सोने की ईंट भी नकली
पुलिस द्वारा रसूलपुर में आरोपियों के ठिकाने से नकली सोने की एक ईंट भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार नकली नोटों के बदले असली सोना और नकली सोने के बदले असली नोट का कारोबार कर रहे थे। इनका षड्यंत्र देहरादून के एक बड़े व्यापारी को ठगने का था।
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पहले भी जेल जा चुका है मुल्लाजी
सहारनपुर। मुहम्मद रफीक उर्फ मुल्लाजी पर मुजफ्फरनगर एवं सहारनपुर के अलग-अलग थाने में कई मामले दर्ज हैं। रफीक इन मामलों में सात साल की जेल की सजा भी काट चुका है।
रमांड पर लिए गए आशिक प्रधान ने कराया भंडाफोड़
नकली नोटों की सप्लाई करने के मामले के आरोपी आशिक प्रधान ने पुलिस से बचकर 17 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। बिहारीगढ़ पुलिस ने दो दिन पूर्व आशिक प्रधान को 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पुलिस की सख्ती के सामने आशिक प्रधान अधिक देर नहीं टिक सका और पूरे कारोबार का भंडाफोड़ कर डाला। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने नकली नोटों के छापाखाना को पकड़ा।
सदर कोतवाली में पकड़े गए नकली नोटों से कनेक्शन
नकली नोटों का कारोबार काफी समय से चल रहा था। सदर कोतवाली में दो माह पूर्व पकड़े गए नकली नोट एवं आरोपी इसी रैकेट से जुड़े हुए थे। आशिक प्रधान ही उनको नकली नोट सप्लाई कराता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ग्राम पीर बोडोली, थाना झिंझाना, जिला शामली के निवासी अनवर, रफीक उर्फ मुल्लाजी तथा नसीम तीनों भाइयों ने नकली नोटों का कारोबार खड़ा कर डाला। अपने साथ देहरादून एवं सहारनपुर के अन्य लोगों को जोड़कर नकली नोटों की सप्लाई के लिए बड़ा रैकेट बना लिया। शामली से आकर सहारनपुर के कोतवाली देहात स्थित ग्राम रसूलपुर में इन्होंने नकली नोटों के छापने का काम करना शुरू कर दिया। इनमें से एक भाई अनवर फिलहाल धर्मपुर चौक, थाना नेहरू कालोनी, देहरादून में रह रहा था, मुहम्मद रफीक उर्फ मुल्लाजी निवासी का पता ग्राम गंदेवड़ा थाना फतेहपुर सहारनपुर, जबकि तीसरा भाई नसीम सहारनपुर में ही रह रहा था। इनके रैकेट में सहारनपुर, देहरादून के अलावा कई अन्य जिलों के लोग भी शामिल हैं। जिनमें से कुछ को सदर कोतवाली पुलिस दो माह पूर्व गिरफ्तार कर चुकी है।
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सोने की ईंट भी नकली
पुलिस द्वारा रसूलपुर में आरोपियों के ठिकाने से नकली सोने की एक ईंट भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार नकली नोटों के बदले असली सोना और नकली सोने के बदले असली नोट का कारोबार कर रहे थे। इनका षड्यंत्र देहरादून के एक बड़े व्यापारी को ठगने का था।
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पहले भी जेल जा चुका है मुल्लाजी
सहारनपुर। मुहम्मद रफीक उर्फ मुल्लाजी पर मुजफ्फरनगर एवं सहारनपुर के अलग-अलग थाने में कई मामले दर्ज हैं। रफीक इन मामलों में सात साल की जेल की सजा भी काट चुका है।
रमांड पर लिए गए आशिक प्रधान ने कराया भंडाफोड़
नकली नोटों की सप्लाई करने के मामले के आरोपी आशिक प्रधान ने पुलिस से बचकर 17 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। बिहारीगढ़ पुलिस ने दो दिन पूर्व आशिक प्रधान को 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पुलिस की सख्ती के सामने आशिक प्रधान अधिक देर नहीं टिक सका और पूरे कारोबार का भंडाफोड़ कर डाला। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने नकली नोटों के छापाखाना को पकड़ा।
सदर कोतवाली में पकड़े गए नकली नोटों से कनेक्शन
नकली नोटों का कारोबार काफी समय से चल रहा था। सदर कोतवाली में दो माह पूर्व पकड़े गए नकली नोट एवं आरोपी इसी रैकेट से जुड़े हुए थे। आशिक प्रधान ही उनको नकली नोट सप्लाई कराता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।