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धरी रह गई बदमाशों की चालाकी

Thu, 21 Feb 2019 12:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:20 AM IST
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धरी रह गई बदमाशों की चालाकी
सहारनपुर। बच्चा हमारे पास है और अभी तक सुरक्षित है। नौ बजे तक 20 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। नौ बजे कॉल करके बताएंगे कि पैसे कहां पहुंचाने हैं, पुलिस को खबर करने की गलती मत करना, पैसे नहीं दिए तो बच्चे को खत्म कर दिया जाएगा। तेरे पास समय कम है, जल्दी पैसे का इंतजाम कर, फिर फोन करेंगे। बदमाशों की यह धमकी भरी कॉल ही धरपकड़ का जरिया बन गई, क्योंकि बदमाशों ने चालाकी दिखाते हुए बच्चे की मां के फोन से कॉल की, लेकिन तब तक सर्विलांस टीम उस नंबर को रडार पर ले चुकी थी।
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बड़गांव के ग्राम टपरी निवासी नीरज उर्फ सोलू के बेटे देव का अपहरण करने के साथ ही बदमाशों ने नीरज की पत्नी प्रवेश का मोबाइल फोन भी चोरी कर लिया था। उसी मोबाइल फोन से नीरज को कॉल कर फिरौती मांगी गई थी। सुबह साढ़े पांच बजे पहली कॉल की। कॉल करके सिर्फ तस्दीक किया कि बच्चे का पिता नीरज ही बोल रहा है। फिर दूसरी बार सुबह लगभग साढ़े छह बजे कॉल करके फिरौती मांगी। यही वो गलती थी, जिसने बदमाशों को पुलिस की रडार पर ला दिया। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन निकलवाई और सटीक सूचना मिलने पर गंगोह में घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ लिया।
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-- मकान बनाने वाले ही बुझाने चले थे घर का चिराग
अपहर्ताओं में शामिल अक्षय और प्रवीण राज मिस्त्री का काम करते हैं। नीरज का मकान निर्माण का काम दोनों ही कर रहे थे। कुछ दिन पहले तक भी काम किया था। अभी काम पूरा भी नहीं हुआ था। दरवाजे भी नहीं लगवाए गए थे। अपहरणकर्ताओं ने दरवाजा न होने का फायदा उठाया और घर में घुसकर बच्चे का अपहरण कर लिया।
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-- ब्याज पर पैसे देने का काम करता है नीरज
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि अपहरण फिरौती के लिए किया गया था। अपहर्ता जानते थे कि नीरज खेती के अलावा ब्याज पर पैसे देने का काम करता है। अक्षय और प्रवीण ने भी नीरज से ब्याज पर पैसे ले रखे थे तथा और पैसे मांग रहे थे। जिस पर नीरज ने इंकार कर दिया तथा पहले पैसे लौटाने के लिए भी दबाव बनाया था। आरोपी नीरज की आर्थिक स्थिति जानते थे। इसलिए पैसे वसूल करने के लिए उन्होंने बच्चे का अपहरण किया।

-- आंटी ने चप्पल पहनाई
अपहृत बच्चे देव की मां प्रवेश ने बताया कि अपहरण में कोई महिला भी शामिल है। जिस घर में बच्चे को अपहरण करके रखा गया, वहां महिलाएं भी मौजूद थीं, उन्हें बच्चे के अपहरण के बारे में भी पता था। उनके बच्चे देव ने उन्हें बताया कि वहां एक आंटी ने उसे चप्पल पहनाई थी।

एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि नीरज का बेटा देव अपहर्ता अक्षय और प्रवीण को अच्छी तरह से पहचानता था। अपहर्ता फिरौती न देने पर देव की हत्या की धमकी दे रहे थे, लेकिन फिरौती देने पर भी बदमाश अपने पकड़े जाने के डर से देव की हत्या कर देते। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

-- सर्विलांस प्रभारी मुबारिक घायल
आरोपियों का पीछा करते हुए पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की टीम के साथ सर्विलांस टीम भी गंगोह पहुंची थी। सर्विलांस टीम प्रभारी मुबारिक हसन आरोपियों का पीछा करने के प्रयास में गिर पड़े और चोट लग गई। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बच्चे को देख बिलख कर रो पड़ी मां प्रवेश
बड़गांव। बच्चे को चार घंटे बाद सकुशल पाकर खुशी के मारे मां फफक पड़ी और आंखों में आंसू भर आए। बार बार अपने बच्चे को चूमते दुलार करने लगी। नीरज की शादी के आठ साल बाद मन्नतों से परिवार में बेटा पैदा हुआ था। इस वजह से बेटे के अपहरण के बाद माता पिता का पिता रो रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, बुधवार दोपहर 12 बजे एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने जब बच्चा उनके सुपुर्द किया, तो मां प्रवेश बच्चे को गोद में लेकर फफक पड़ी और खूब रोई। वहीं, पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर ने भी पीड़ित परिवार के यहां पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
पुरस्कृत किए जाने की घोषणा
-- पुलिस लिखी कार भी बरामद की है आरोपियों के पास से
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अक्षय एवं प्रवीण के गांव स्थित मकान से एक कार भी बरामद की है। कार पर आगे और पीछे दोनों ओर पुलिस लिखा हुआ है। हालांकि पुलिस अभी कार के बारे में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। लेकिन लोगों का कहना है कि थाने पर तैनात एक पुलिसकर्मी के पास आरोपियों का आना जाना था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

-- एक महीने से बना रहे थे अपहरण की योजना
बड़गांव। एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि प्रवीण और अक्षय काफी समय से नीरज के मकान का निर्माण कर रहे थे, लेकिन पिछले एक माह से दोनों आरोपी बच्चे का अपहरण कर फिरौती लेने की योजना बना रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों राजमिस्त्री कुछ दिनों से देव के साथ ऐसे घुल मिल गये थे और बच्चा देव भी उन्हें अच्छी तरह जानने पहचाने लगा था।

-- पहले शराब पी, फिर अपहरण किया
राजमिस्त्री का काम करने वाले प्रवीण और अक्षय ने मंगलवार को अपहरण की योजना को अमली जामा पहनाने का निर्णय लिया। पहले बड़गांव में जाकर उन्होंने शराब पी। रात तक वहीं घूमते रहे। फिर रात में टपरी गांव पहुंचे और बच्चे का अपहरण कर लिया।


एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद करने एवं अपहरण करने वालों को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल गंगोह थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह, बड़गांव थाना प्रभारी दीपक चतुर्वेदी, प्रवीण कुमार, सुधीर उज्ज्वल, अभिसूचना विंग प्रभारी जर्रार हुसैन, सुनील कुमार, सर्विलांस प्रभारी मुबारिक हसन को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की।
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