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साइबर अपराधियों के झांसे में आ रहे लोग, हो रहे ठगी का शिकार

Sun, 09 Jun 2019 12:44 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2019 12:44 AM IST
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साइबर अपराधियों के झांसे में आ रहे लोग, हो रहे ठगी का शिकार
सहारनपुर। दो साल में साइबर अपराधों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। इसमें भी अधिकांश पैसे की ठगी के मामले हैं। जो एटीएम कार्ड नंबर, पिन नंबर अथवा खाता नंबर पूछकर पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। वर्ष 2016 में साइबर ठगी के मात्र 30 मामले थे, लेकिन इस बार मई तक ही 30 मामले जिले में आ चुके हैं। अधिकांश मामले सदर कोतवाली क्षेत्र के ही आ रहे हैं।
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सहारनपुर के लोगों के साथ साइबर अपराधी लगातार ठगी का शिकार होकर अपनी खून पसीने की कमाई गंवा रहे हैं। साइबर अपराधी अधिकांश रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को अपने जाल में फंसा कर उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं। ऐसे अपराधी खुद को किसी बैंक का मैनेजर बताकर उनका खाता बंद होने, एटीएम ब्लॉक होने, वैधता समाप्त होने की चेतावनी देकर उनसे उनका कोड, सीवीवी नंबर एवं खाता संख्या पूछ लेते हैं और फिर उनके खाते से मोटी धनराशि निकाल लेते हैं।
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एसपी यातायात अपर्णा गुप्ता ने ऐसे मामलों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि न सिर्फ बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन एवं नंबर पूछकर बल्कि इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में पूछकर भी ठगी की जा रही है। पॉलिसी धारक को बताया जाता है कि उनकी पॉलिसी की वैधता समाप्त हो गई या मेच्योर अवधि पूर्ण हो गई अथवा कोई अन्य तकनीकी आधार बताकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करके अपने खाते में पैसे जमा कराने के लिए कहते हैं और ठगी कर लेते हैं। लॉटरी निकलने का झांसा देकर भी आयकर जमा कराने के बहाने लोगों से धनराशि जमा कराकर ठगी की जा रही है। यही नहीं कुछ मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें एटीएम मशीन के की-पैड पर एक डिवाइस लगाई जा रही है जो कार्ड स्कैन कर डिटेल कॉपी कर लेता है। एटीएम रूम में कैमरा लगा देते हैं जो कार्ड के नंबर और पिन नंबर को ट्रैस कर लेता है। कुछ लोग मदद करने के बहाने कार्ड भी बदलकर धोखाधड़ी कर लेते हैं। एसपी यातायात अपर्णा गुप्ता का कहना है कि लोगों को फोन पर किसी को भी कोई जानकारी नहीं देनी चाहिए। बैंक में जाकर ही पूरी जानकारी करें। लॉटरी के बारे में सत्यता का पता कर ही कोई जानकारी दें। झूठा पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
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-- वर्ष 2019 में अब तक किस थाना क्षेत्र में कितने मामले
सहारनपुर में साइबर ठगीज्ञ् के सबसे अधिक मामले सदर कोतवाली में 15 अब तक दर्ज हो चुके हैं। जनकपुरी थाना में तीन तथा नानौता में दो मामले दर्ज हैं। जबकि नगर कोतवाली, मंडी कोतवाली,

देहात कोतवाली, चिलकाना, मिर्जापुर, नागल, देवबंद, बड़गांव, गंगोह तथा सरसावा में एक-एक मामला दर्ज हुआ है। वर्ष 2016 में मात्र 30 मामले दर्ज हुए थे, 2017 में 64 तथा वर्ष 2018 में 69 मामले आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुए थे। 2016 से अब तक 192 मामले आईटी एक्ट के तहत दर्ज हो चुके हैं। सदर कोतवाली में ही 2016 में सर्वाधिक सात मामले, 2017 में 21 और 2018 में 14 मामले दर्ज हुए थे।
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-- सावधानियां
- एटीएम कार्ड किसी के हाथ में न दें, न ही किसी अनजान की पैसे निकालने में सहायता लें।
- एटीएम कोड डालते समय ध्यान रखें कि कोई उसे देख न रहा हो
- कार्ड स्वैप करते समय यह चेक कर लें कि कहीं कैमरा अथवा एटीएम में कार्ड स्कैनर न लगा हो।
- लेन-देन की जानकारी के लिए मोबाइल फोन पर एसएमएस अलर्ट सेवा लें।
- एटीएम केबिन से निकलने से पहले एटीएम का क्लीयर बटन दबा दें।
- एटीएम की रसीद अपने पास रखें, एटीएम के पास न फेंकें।
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