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फर्जी अकाउंट खोल तीस हजार की छात्रवृति हड़पी

Thu, 19 Apr 2018 12:05 AM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:05 AM IST
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फर्जी अकाउंट खोल तीस हजार की छात्रवृति हड़पी
नकुड़ (सहारनपुर)। बीटीसी के एक छात्र का बैंक में फर्जी एकाउंट खोलकर स्कालरशिप हड़प ली गई। बैंक मैनेजर ने उक्त फर्जी खाते को कस्टमर सर्विस प्वाइंट के द्वारा खोला जाना बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित छात्र ने कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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नगर के मोहल्ला बंजारान निवासी बीटीसी के छात्र इम्तियाज अहमद पुत्र जमीर अहमद का एसबीआई की मेन ब्रांच में फर्जी एकाउंट खोलकर स्कालरशिप के करीब तीस हजार रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र को इस फर्जीवाड़े का उस समय पता चला जब वह अपने बचत खाते से अधार कार्ड को लिंक कराने के लिए एसबीआई की कृषि शाखा पहुंचा। वहां बैंककर्मी ने छात्र को बताया कि उसका पहले से ही एसबीआई की मेन ब्रांच में एक अन्य खाता आधार कार्ड से लिंक है। यह सुनकर वह सन्न रह गया। छात्र का कहना था कि उसने कभी एसबीआई की मेन ब्रांच में अपना खाता खुलवाया ही नहीं है तो वहां उसका खाता कैसे हो सकता है। छात्र का आरोप था कि खाते की बाबत जानकारी करने जब वह मेन ब्रांच गया तो बैंक कर्मियों ने उसे वहां से टरका दिया तथा इसके बाद उसने बैंक मैनेजर से मिलकर जब उक्त खाते की स्टेटमेंट मांगी तो बैंक मैनेजर ने उसे खाता बंद करने की बात कहते हुए स्टेटमेंट देने से मना कर दिया। जिसके बाद छात्र ने इसकी शिकायत कस्टमर केयर पर फोन से एसबीआई की मुख्य शाखा में की तो कुछ देर बाद ही एक सीएसपी संचालक का उसके पास फोन आ गया और उस पर फैसले का दबाव बनाया जाने लगा। छात्र ने बताया कि तीन दिन बैंक के चक्कर काटने के बाद उसे बैंक से उसके नाम से चल रहे खाता नंबर 35250943722 की स्टेटमेंट मिली, जिसमें सात मार्च 2018 को स्कालरशिप के तीस हजार रुपये आना दर्शाया गया है तथा 7-8 व 9 मार्च को ही दस-दस हजार रुपये की तीन निकासी दर्ज है। छात्र ने बताया कुछ महीने पहले उसके भाई तनवीर के नाम से भी इसी शाखा में एक फ र्जी एकाउंट खोला गया था, लेकिन समय रहते पता चलने पर उक्त खाते में कोई लेनदेन नहीं हो पाया था।
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उधर, बैंक मैनेजर एएस रावत का कहना था कि उक्त खाता नगर के एक कस्टमर सर्विस प्वाइंट द्वारा खोला गया था तथा रुपयों की निकासी भी वहीं से हुई है। खाते को बंद कराने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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