फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Corona bloated in slums, infected found less

मलिन बस्तियों में कोरोना का फूला दम, संक्रमित मिले कम

Mon, 30 Nov 2020 11:14 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2020 11:14 PM IST
विज्ञापन
Corona bloated in slums, infected found less
मलिन बस्तियों में कोरोना का फूला दम, संक्रमित मिले कम
विज्ञापन

सहारनपुर। कोरोना संक्रमण की रफ्तार को थामने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोविड-19 जांच कराने का लक्ष्य सैंपलिंग विशेष अभियान सोमवार को पूरा हो गया। अभियान में खास बात यह सामने आई कि मलिन बस्तियों में संक्रमण के मामले कम मिले हैं। इन इलाकों में संक्रमण की दर कम होने की वजह से यहां के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होना बताई जा रही है।
दरअसल, प्रशासन ने 19 नवंबर से लक्ष्य सैंपलिंग का विशेष अभियान शुरू किया था। मलिन बस्तियों में पहले दिन 1400 नमूने लिए गए, जिनमें 9 संक्रमित मिले। जबकि 20 और 21 नवंबर को 1686 नमूने लिए गए। जिनमें 9 संक्रमित मिले। इस तरह मलिन बस्तियों में तीन दिन के भीतर कुल 3086 नमूने इकट्ठा किए गए। इनमें 15 संक्रमित मिले थे।
विज्ञापन

- रेहड़ी पटरी वालों में सिर्फ एक मिला संक्रमित
22 नवंबर को स्थायी और अस्थायी जेल में 552 सैंपल लिए, जिनमें 05 संक्रमित मिले। 23 नवंबर को बाल एवं बालिका सुधार गृह 440 सैंपल लिए, जिनमें दो संक्रमित मिले। 24 नवंबर को वृद्धाश्रम और नारी निकेतन में 780 सैंपल लिए, जिनमें कोई संक्रमित नहीं मिला। फिर 25 नवंबर को रेहडी पटरी के दुकानदारों के 1087 सैंपल लिए, जिनमें एक संक्रमित मिला। वहीं, 26 नवंबर को 9वीं और 12 वीं तक के विद्यालयों में 1967 के सैंपल लिए, जिनमें दो संक्रमित मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार तक जिले में संक्रमण कोरोना की स्थिति
कोरोना काल में अब तक 293601 नमूने लिए जा चुके हैं। जिनमें कुल 8963 संक्रमित मिले हैं। जबकि 284587 निगेटिव आए हैं। कोरोना संक्रमित मिलने वालों में 8507 ठीक हो चुके हैं। वहीं, 337 पॉजिटिव सक्रिय मामले हैं। अब तक 119 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी हैं।

------- वर्जन
टारगेट सैंपलिंग के तहत विशेष अभियान चलाया गया। मलिन बस्तियों में 1920 और 21 नवंबर को नमूने लिए गए। मलिन बस्तियों में तीन दिन के भीतर 15 संक्रमित मिले जो बाजारों में हुई रैंडम सैंपलिंग और अन्य स्थानों पर सैंपलिंग की तुलना में कम हैं। मलिन बस्तियों में संक्रमण कम होने की वजह इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होना दर्शाती है।
-- डा. बीएस सोढ़ी, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed