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समितियों पर सौहार्द का जिम्मा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 22 May 2017 01:45 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं और कुछ दिनों से बिगड़े माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने ग्राम सुरक्षा एवं कल्याण समितियां गठित करने का निर्णय लिया है। समितियों में सरकारी कर्मचारियों से लेकर जनप्रतिनिधि और आम आदमी शामिल होंगे।
समितियों के कंधों पर सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के साथ ही लोगों की किसी भी तरह की समस्याओं के निस्तारण कराने तक का जिम्मा होगा। डीएम ने सभी प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर समितियों का गठन कर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम एनपी सिंह का मानना है कि ग्राम सुरक्षा एवं कल्याण समितियां विवादों को समय रहते सुलझाने का सशक्त माध्यम हो सकती हैं। ऐसे में राजस्व एवं अन्य छोटे-मोटे विवादों का स्थाई समाधान निकालने के लिए ग्राम सुरक्षा एवं कल्याण समिति के गठन करने का निर्णय लिया गया है।
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समिति में पदेन सदस्य होंगे, जिनकी दो श्रेणियां होंगी। पहली सरकारी और सेवानिवृत्त सदस्यगण। इसमें ग्राम स्तर पर सभी वर्तमान सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी होंगे। ग्राम चौकीदार, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, शिक्षा मित्र, आंगनबाड़ी, आशा, एएनएम, बीट आरक्षीगण आदि रहेंगे।
निर्वाचित एवं नामित जनप्रतिनिधिगण में ग्राम सभा के सभी निर्वाचित वर्तमान एवं भूतपूर्व प्रतिनिधि होंगे, जिनमें ग्राम प्रधान, बीडीसी, पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य शामिल है। इसके अलावा ग्राम स्तर पर सक्रिय सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ के पदाधिकारी और पत्रकार आदि भी रखे जाएंगे। ऐच्छिक सदस्यों में सभी जातियों और धर्मों के गणमान्य लोगों को शामिल किया जाएगा।
बता दें कि सड़क दूधली कांड के बाद एक के बाद एक कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनकी वजह से करीब डेढ़ माह से जनपद का माहौल खराब चल रहा है। शब्बीरपुर की घटना, सहारनपुर का बवाल और अब मिर्जापुर की घटना के बाद से लोगों में नफरत सी फैल गई है। हालांकि पुलिस और प्रशानिक अफसर शांति व्यवस्था के लिए जी जान से जुटे हैं, इस काम में वे लोगों का सहयोग भी ले रहे हैं।
समिति के कर्तव्य
- राजस्व विवादों का समिति के सदस्यों द्वारा सामूहिक निस्तारण कराना, जिसमें थाना दिवस एवं तहसील दिवस पर आने वाली ग्राम स्तर की समस्याएं शामिल होंगी।
- सभी धर्मों के त्योहारों एवं सभी महापुरुषों की जयंती का सामूहिक रूप से आयोजन कराना।
समिति के उत्तरदायित्व
- ग्राम स्तर पर सांप्रदायिक और जातिगत सौहार्द बनाए रखना।
- सभी धार्मिक स्थलों की समिति द्वारा सुरक्षा किया जाना।
- सभी विवादों का अपने स्तर से निस्तारण कराना।
- सभी धर्मों के त्योहारों, सभी महापुरुषों की जयंती मनाने।
समिति के अधिकार
- ग्राम स्तर पर राजस्व विवादों के मामलों में समिति का निर्णय अंतिम होगा।
- शस्त्र लाइसेंस, चरित्र प्रमाण पत्र और अन्य प्रकार के सत्यापन में समिति की रिपोर्ट मान्य होगी।
- ग्राम स्तर पर प्रकरणों का सिंगल विंडो सिस्टम के आधार पर तीन दिन में निस्तारण कराना।
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समितियों के कंधों पर सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के साथ ही लोगों की किसी भी तरह की समस्याओं के निस्तारण कराने तक का जिम्मा होगा। डीएम ने सभी प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर समितियों का गठन कर अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम एनपी सिंह का मानना है कि ग्राम सुरक्षा एवं कल्याण समितियां विवादों को समय रहते सुलझाने का सशक्त माध्यम हो सकती हैं। ऐसे में राजस्व एवं अन्य छोटे-मोटे विवादों का स्थाई समाधान निकालने के लिए ग्राम सुरक्षा एवं कल्याण समिति के गठन करने का निर्णय लिया गया है।
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समिति में पदेन सदस्य होंगे, जिनकी दो श्रेणियां होंगी। पहली सरकारी और सेवानिवृत्त सदस्यगण। इसमें ग्राम स्तर पर सभी वर्तमान सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी होंगे। ग्राम चौकीदार, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, शिक्षा मित्र, आंगनबाड़ी, आशा, एएनएम, बीट आरक्षीगण आदि रहेंगे।
निर्वाचित एवं नामित जनप्रतिनिधिगण में ग्राम सभा के सभी निर्वाचित वर्तमान एवं भूतपूर्व प्रतिनिधि होंगे, जिनमें ग्राम प्रधान, बीडीसी, पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य शामिल है। इसके अलावा ग्राम स्तर पर सक्रिय सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ के पदाधिकारी और पत्रकार आदि भी रखे जाएंगे। ऐच्छिक सदस्यों में सभी जातियों और धर्मों के गणमान्य लोगों को शामिल किया जाएगा।
बता दें कि सड़क दूधली कांड के बाद एक के बाद एक कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनकी वजह से करीब डेढ़ माह से जनपद का माहौल खराब चल रहा है। शब्बीरपुर की घटना, सहारनपुर का बवाल और अब मिर्जापुर की घटना के बाद से लोगों में नफरत सी फैल गई है। हालांकि पुलिस और प्रशानिक अफसर शांति व्यवस्था के लिए जी जान से जुटे हैं, इस काम में वे लोगों का सहयोग भी ले रहे हैं।
समिति के कर्तव्य
- राजस्व विवादों का समिति के सदस्यों द्वारा सामूहिक निस्तारण कराना, जिसमें थाना दिवस एवं तहसील दिवस पर आने वाली ग्राम स्तर की समस्याएं शामिल होंगी।
- सभी धर्मों के त्योहारों एवं सभी महापुरुषों की जयंती का सामूहिक रूप से आयोजन कराना।
समिति के उत्तरदायित्व
- ग्राम स्तर पर सांप्रदायिक और जातिगत सौहार्द बनाए रखना।
- सभी धार्मिक स्थलों की समिति द्वारा सुरक्षा किया जाना।
- सभी विवादों का अपने स्तर से निस्तारण कराना।
- सभी धर्मों के त्योहारों, सभी महापुरुषों की जयंती मनाने।
समिति के अधिकार
- ग्राम स्तर पर राजस्व विवादों के मामलों में समिति का निर्णय अंतिम होगा।
- शस्त्र लाइसेंस, चरित्र प्रमाण पत्र और अन्य प्रकार के सत्यापन में समिति की रिपोर्ट मान्य होगी।
- ग्राम स्तर पर प्रकरणों का सिंगल विंडो सिस्टम के आधार पर तीन दिन में निस्तारण कराना।