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Saharanpur News: लाइलाज नहीं है कैंसर, समय से लें इलाज तो बच सकती है जान
Thu, 06 Nov 2025 10:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 06 Nov 2025 10:37 PM IST
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सहारनपुर। जिले में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन सरकारी अस्पतालों में इनके लिए इलाज की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कैंसर लाइलाज नहीं है। यदि समय से कैंसर का इलाज कराया जाए तो कैंसर पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है। कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल सात नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया जाता है। जिले में धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण मुख कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कैंसर के उपचार के नाम पर जिले में कोई व्यवस्था नहीं है।
जिले में सर्वाधिक तीन मुख कैंसर के मरीज हैं। इनके अलावा स्तन कैंसर के दो मरीज हैं, जिनका उपचार चल रहा है। 32 अन्य कैंसर मरीजों को भी हायर सेंटर रेफर किया गया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि कैंसर लाइलाज नहीं हैं। यदि कैंसर के मरीजों को समय से उपचार मिल जाए तो उनकी जान बचाई जा सकती है।
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-- जिले में इस प्रकार के कैंसर मरीज
- ब्लड कैंसर
- मुंह का कैंसर
- स्तन कैंसर
- सर्वाइकल कैंसर
- पेट का कैंसर
- गले का कैंसर
- प्रोस्टेट कैंसर
- मस्तिष्क का कैंसर
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-- कैंसर के कारण
- तंबाकू या गुटखे का सेवन
- सिगरेट और शराब पीना
- लंबे समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहना
- आनुवंशिक दोष
- शारीरिक निष्क्रियता
- खराब पोषण
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-- कैंसर के लक्षण
- शरीर के किसी हिस्से में गांठ महसूस होना
- निगलने में कठिनाई होना
- पेट में लगातार दर्द बने रहना
- घाव का ठीक न होना
- त्वचा पर निशान
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- कफ और सीने में दर्द
- थकान और कमजोरी महसूस करना
- शरीर का वजन अचानक से कम या ज्यादा होना
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लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल सात नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया जाता है। जिले में धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण मुख कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कैंसर के उपचार के नाम पर जिले में कोई व्यवस्था नहीं है।
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जिले में सर्वाधिक तीन मुख कैंसर के मरीज हैं। इनके अलावा स्तन कैंसर के दो मरीज हैं, जिनका उपचार चल रहा है। 32 अन्य कैंसर मरीजों को भी हायर सेंटर रेफर किया गया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि कैंसर लाइलाज नहीं हैं। यदि कैंसर के मरीजों को समय से उपचार मिल जाए तो उनकी जान बचाई जा सकती है।
- ब्लड कैंसर
- मुंह का कैंसर
- स्तन कैंसर
- सर्वाइकल कैंसर
- पेट का कैंसर
- गले का कैंसर
- प्रोस्टेट कैंसर
- मस्तिष्क का कैंसर
- तंबाकू या गुटखे का सेवन
- सिगरेट और शराब पीना
- लंबे समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहना
- आनुवंशिक दोष
- शारीरिक निष्क्रियता
- खराब पोषण
- शरीर के किसी हिस्से में गांठ महसूस होना
- निगलने में कठिनाई होना
- पेट में लगातार दर्द बने रहना
- घाव का ठीक न होना
- त्वचा पर निशान
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- कफ और सीने में दर्द
- थकान और कमजोरी महसूस करना
- शरीर का वजन अचानक से कम या ज्यादा होना