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Saharanpur News: अपात्रों को आवास आवंटन पर होगी कार्रवाई
Sun, 26 Oct 2025 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 26 Oct 2025 12:33 AM IST
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सहारनपुर। अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए गए। मामला जिला मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के बाद जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने तत्कालीन एसडीएम रामपुर मनिहारान, तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। छह अपात्रों का आवंटन भी निरस्त कर दिया है।
तहसील रामपुर मनिहारान के परगना खानपुर में भूमि प्रबंध समिति ने 19 मार्च 2020 को 22 लोगों को खसरा नंबर 120 रकबा 0.210 हेक्टेयर भूमि को आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद उपजिलाधिकारी रामपुर मनिहारान ने आठ जून 2020 को सभी 22 व्यक्तियों को आवास आवंटित कर दिए।
आवास आवंटित होने के बाद वादी सतपाल ने जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन व्यक्तियों को आवास आवंटित किए गए हैं। वह अपात्रता की श्रेणी में हैं। नियमों को दरकिनार कर आवंटन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों के पास पहले से रहने के लिए मकान, खेती की जमीन, ट्रैक्टर आदि हैं।
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इनके पक्ष में पहले भी पट्टे स्वीकृत हो चुके हैं। जांच आख्या में छह आवंटी अपात्र पाए गए। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने कविता, पिंकी, ऊषा, संजोगिता, ओमवीर और चरण सिंह के पक्ष में की गई आवंटन की आठ जून 2020 की कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। साथ ही अन्य आवंटियों के मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अजय त्यागी कर रहे थे।
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तहसील रामपुर मनिहारान के परगना खानपुर में भूमि प्रबंध समिति ने 19 मार्च 2020 को 22 लोगों को खसरा नंबर 120 रकबा 0.210 हेक्टेयर भूमि को आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद उपजिलाधिकारी रामपुर मनिहारान ने आठ जून 2020 को सभी 22 व्यक्तियों को आवास आवंटित कर दिए।
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आवास आवंटित होने के बाद वादी सतपाल ने जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन व्यक्तियों को आवास आवंटित किए गए हैं। वह अपात्रता की श्रेणी में हैं। नियमों को दरकिनार कर आवंटन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों के पास पहले से रहने के लिए मकान, खेती की जमीन, ट्रैक्टर आदि हैं।
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इनके पक्ष में पहले भी पट्टे स्वीकृत हो चुके हैं। जांच आख्या में छह आवंटी अपात्र पाए गए। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने कविता, पिंकी, ऊषा, संजोगिता, ओमवीर और चरण सिंह के पक्ष में की गई आवंटन की आठ जून 2020 की कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। साथ ही अन्य आवंटियों के मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अजय त्यागी कर रहे थे।