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मिलाई से रोकने की रंजिश में चलाई थी जेलर पर गोली
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पुलिस हवालात में बंद जेलर पर हमले के आरोपी
- फोटो : DEVBAND
देवबंद/सहारनपुर। उपकारागार के जेलर रीवन सिंह पर फायरिंग करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त दो बाइक, दो तमंचे व कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है। इनमें एक आरोपी का चाचा जेल में बंद है। जेल में मिलाई का समय खत्म होने पर आरोपी को जेल के सिपाहियों ने वापस भेज दिया था। इसी रंजिश में आरोपियों ने जेलर पर फायरिंग की थी।
एडिशनल एसपी व सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार की रात नूरपुर रेलवे फाटक के समीप मुठभेड़ के दौरान लविश पुत्र वीरेंद्र, सचिन पुत्र दुष्यंत, पंकज पुत्र मनोज निवासी रणखंडी, दीपांशु पुत्र योगेश और विशु पुत्र रमेश निवासी जखवाला को गिरफ्तार किया, जबकि छह आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो बाइक, दो तमंचे, छह कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने जेलर रीवन सिंह पर फायरिंग करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। पकड़े गए आरोपी लविश का चाचा नीटू जेल में बंद है। दस मार्च को लविश अपने दो साथियों के साथ जेल में बंद चाचा नीटू से मिलने गया था। समय खत्म होने पर वहां मौजूद सिपाही ने उसे मिलने से रोक दिया था, जिस पर उसने सिपाही से बहस की तो सिपाही ने उसे वापस भेज दिया था। इसी बात को लेकर लविश ने साथियों संग मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
हिस्ट्रीशीटर है नीटू, नौ मामले हैं दर्ज, जेल में है बंद
पुलिस के मुताबिक आरोपी लविश का चाचा नीटू देवबंद जेल में 2019 से हत्या के प्रयास के एक मामले में बंद है। कोतवाल ने बताया कि नीटू हिस्ट्रीशीटर है। उस पर धारा 307 व एससी-एसटी समेत नौ मामले दर्ज हैं। इनमें सात मामले कोतवाली देवबंद व मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी में दो मामले दर्ज हैं।
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ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
जेलर रीवन सिंह पर बृहस्पतिवार की रात करीब साढे़ आठ बजे उस समय ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जब वह खाना खाकर जेल कर्मियों के साथ जेल परिसर में टहलने निकले थे। फायरिंग होते देख जेलर व सुरक्षाकर्मियों ने पेड़ के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई थी। अन्य जेलकर्मियों के हथियारों से लैस होकर घटनास्थल की तरफ दौड़ते देख आरोपी मुजफ्फरनगर की तरफ फरार हो गए थे। जेलर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधिकारियों ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लेकर टीम गठित की, जिसके बाद शुक्रवार की रात्रि पांच आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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एडिशनल एसपी व सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार की रात नूरपुर रेलवे फाटक के समीप मुठभेड़ के दौरान लविश पुत्र वीरेंद्र, सचिन पुत्र दुष्यंत, पंकज पुत्र मनोज निवासी रणखंडी, दीपांशु पुत्र योगेश और विशु पुत्र रमेश निवासी जखवाला को गिरफ्तार किया, जबकि छह आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो बाइक, दो तमंचे, छह कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने जेलर रीवन सिंह पर फायरिंग करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। पकड़े गए आरोपी लविश का चाचा नीटू जेल में बंद है। दस मार्च को लविश अपने दो साथियों के साथ जेल में बंद चाचा नीटू से मिलने गया था। समय खत्म होने पर वहां मौजूद सिपाही ने उसे मिलने से रोक दिया था, जिस पर उसने सिपाही से बहस की तो सिपाही ने उसे वापस भेज दिया था। इसी बात को लेकर लविश ने साथियों संग मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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हिस्ट्रीशीटर है नीटू, नौ मामले हैं दर्ज, जेल में है बंद
पुलिस के मुताबिक आरोपी लविश का चाचा नीटू देवबंद जेल में 2019 से हत्या के प्रयास के एक मामले में बंद है। कोतवाल ने बताया कि नीटू हिस्ट्रीशीटर है। उस पर धारा 307 व एससी-एसटी समेत नौ मामले दर्ज हैं। इनमें सात मामले कोतवाली देवबंद व मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी में दो मामले दर्ज हैं।
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ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
जेलर रीवन सिंह पर बृहस्पतिवार की रात करीब साढे़ आठ बजे उस समय ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जब वह खाना खाकर जेल कर्मियों के साथ जेल परिसर में टहलने निकले थे। फायरिंग होते देख जेलर व सुरक्षाकर्मियों ने पेड़ के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई थी। अन्य जेलकर्मियों के हथियारों से लैस होकर घटनास्थल की तरफ दौड़ते देख आरोपी मुजफ्फरनगर की तरफ फरार हो गए थे। जेलर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधिकारियों ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लेकर टीम गठित की, जिसके बाद शुक्रवार की रात्रि पांच आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।