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निर्णायक की भूमिका में रहेंगे 32 गांवों के मतदाता
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:18 AM IST
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निर्णायक की भूमिका में रहेंगे 32 गांवों के मतदाता
सहारनपुर। सहारनपुर को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद पहली बार चुनाव हुआ। नगर निगम में शामिल हुए 32 गांवों के मतदाता निर्णायक की भूमिका में रहेंगे। इन मतदाताओं ने पहली बार नगर निकाय चुनाव में भाग लिया। मतदान को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया।
सहारनपुर नगर पालिका परिषद को 2008 में नगर निगम का दर्जा मिला था। नौ साल बाद नगर निगम के लिए बुधवार को मतदान हुआ। परिसीमन के बाद नगर निगम क्षेत्र में 32 गांवों को शामिल किया गया था। यह गांव दलित-मुस्लिम बाहूल्य हैं। बुधवार को इन गांवों के मतदाताओं ने बढ़चढ़कर मताधिकार का प्रयोग किया। पहली बार नगर निकाय चुनाव में भागेदारी करने पर ग्रामीण उत्साहित रहे। राजनीतिक जानकारों की माने तो इन गांवों के लोग मेयर पदों के प्रत्याशियों के लिए निर्णायक की भूमिका रहेंगे। यही कारण था कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के प्रत्याशियों ने 32 गांवों पर पूरी तरह फोकस किए रखा। प्रत्याशियों ने इन गांवों को मतदाताओं को रिझाने में काफी दमखम लगाया।
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सहारनपुर। सहारनपुर को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद पहली बार चुनाव हुआ। नगर निगम में शामिल हुए 32 गांवों के मतदाता निर्णायक की भूमिका में रहेंगे। इन मतदाताओं ने पहली बार नगर निकाय चुनाव में भाग लिया। मतदान को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया।
सहारनपुर नगर पालिका परिषद को 2008 में नगर निगम का दर्जा मिला था। नौ साल बाद नगर निगम के लिए बुधवार को मतदान हुआ। परिसीमन के बाद नगर निगम क्षेत्र में 32 गांवों को शामिल किया गया था। यह गांव दलित-मुस्लिम बाहूल्य हैं। बुधवार को इन गांवों के मतदाताओं ने बढ़चढ़कर मताधिकार का प्रयोग किया। पहली बार नगर निकाय चुनाव में भागेदारी करने पर ग्रामीण उत्साहित रहे। राजनीतिक जानकारों की माने तो इन गांवों के लोग मेयर पदों के प्रत्याशियों के लिए निर्णायक की भूमिका रहेंगे। यही कारण था कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के प्रत्याशियों ने 32 गांवों पर पूरी तरह फोकस किए रखा। प्रत्याशियों ने इन गांवों को मतदाताओं को रिझाने में काफी दमखम लगाया।
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