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बौद्ध सम्मेलन में शांति और समता का संदेश
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:29 AM IST
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बौद्ध सम्मेलन में शांति और समता का संदेश
सहारनपुर। बौद्ध शिक्षा संस्थान की ओर से रविवार को बामियान बौद्ध विहार अंबेडकरपुरम में मिलन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने भीमा-कोरेगांव की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और देश की अखंडता पर प्रहार बताया। साथ ही देश में समता, शांति और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
सम्मेलन में संरक्षक ज्ञानचंद आजाद ने कहा कि बौद्घ धर्म शांति और भाईचारे का प्रतीक रहा है। कहा कि देश में धार्मिक विषमता के कारण जो घटनाएं हो रही हैं, वह राष्ट्रहित में नहीं हैं। देश अनेकताओं में एकता का देश है। यही हमारी संस्कृति भी है। मगर पिछले कुछ समय से बढ़ रही संघर्ष की घटनाएं देश को विघटन की ओर ले जा रही हैं। भीमा-कोरेगांव की घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है।
उन्होंने सम्मेलन में पहुंचे लोगों से देश को एकसूत्र में बांधने के प्रयास करने की अपील की। इस दौरान गौतम बुद्ध पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी गई।
सम्मेलन में रघुवीर सिंह बौद्ध, जेपी देवल, महेंद्रपाल, नरेश कुमार, सुरेश पाल, यशपाल सिंह, अजीत सिंह, मैन कुमार, रामपाल, मन कुमार, बीर सिंह बौद्घ, ओमप्रकाश, सोमपाल सिंह, देशराज बौद्घ, अमरीश गौतम, चंद्रपाल, प्रमिला बौद्घ, शीतल, कृष्णा, शिखा, मोना, साक्षी, शालिनी, रेनू, विनोद तेजयान आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। बौद्ध शिक्षा संस्थान की ओर से रविवार को बामियान बौद्ध विहार अंबेडकरपुरम में मिलन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने भीमा-कोरेगांव की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और देश की अखंडता पर प्रहार बताया। साथ ही देश में समता, शांति और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
सम्मेलन में संरक्षक ज्ञानचंद आजाद ने कहा कि बौद्घ धर्म शांति और भाईचारे का प्रतीक रहा है। कहा कि देश में धार्मिक विषमता के कारण जो घटनाएं हो रही हैं, वह राष्ट्रहित में नहीं हैं। देश अनेकताओं में एकता का देश है। यही हमारी संस्कृति भी है। मगर पिछले कुछ समय से बढ़ रही संघर्ष की घटनाएं देश को विघटन की ओर ले जा रही हैं। भीमा-कोरेगांव की घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है।
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उन्होंने सम्मेलन में पहुंचे लोगों से देश को एकसूत्र में बांधने के प्रयास करने की अपील की। इस दौरान गौतम बुद्ध पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी गई।
सम्मेलन में रघुवीर सिंह बौद्ध, जेपी देवल, महेंद्रपाल, नरेश कुमार, सुरेश पाल, यशपाल सिंह, अजीत सिंह, मैन कुमार, रामपाल, मन कुमार, बीर सिंह बौद्घ, ओमप्रकाश, सोमपाल सिंह, देशराज बौद्घ, अमरीश गौतम, चंद्रपाल, प्रमिला बौद्घ, शीतल, कृष्णा, शिखा, मोना, साक्षी, शालिनी, रेनू, विनोद तेजयान आदि मौजूद रहे।
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