फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   मतदान परीक्षा में फेल हुआ प्रशासन

मतदान परीक्षा में फेल हुआ प्रशासन

Tue, 29 May 2018 12:39 AM IST
Updated Tue, 29 May 2018 12:39 AM IST
विज्ञापन
मतदान परीक्षा में फेल हुआ प्रशासन
मतदान परीक्षा में फेल हुआ प्रशासन
विज्ञापन

अवधेश पचौरी
सहारनपुर। कैराना लोकसभा उपचुनाव की परीक्षा में प्रशासन पूरी तरह से फेल हो गया। न तो कर्मचारियों को ही सही प्रकार प्रशिक्षित किया गया, न ही मतदाताओं के सामने सही मशीनों का प्रदर्शन किया और न ही मशीनों को तकनीकी रूप से पूरी तरह से फिट किया जा सका। नतीजा यह निकला कि मतदान केंद्रों पर खराब हुई मशीनों के चलते मतदाता चिल्लाते रहे और पीठासीन अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे। घंटों मशीनें बदले जाने की व्यवस्था नहीं की जा सकी।

कैराना लोकसभा उपचुनाव राजनीतिक दलों के लिए साख का सवाल बना हुआ है, लेकिन इस महत्वपूर्ण चुनावी परीक्षा को लेकर की गई तैयारियों में प्रशासन फेल हो गया। चुनाव आयोग की ओर से न सिर्फ कर्मचारियों को सही प्रकार से प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए गए थे, बल्कि मतदाताओं के समक्ष भी ईवीएम से मतदान किए जाने का प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था। प्रशासन लगातार बैठकें कराता रहा। प्रशिक्षण भी दिया गया, लेकिन मतदान के दौरान प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन समेत प्रशासन की सभी तैयारियों की पोल खुल गई। मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों में कई तो इतने भी प्रशिक्षित नहीं थे, जो ईवीएम ऑपरेट कर सकें। इब्राहिमपुर में ईवीएम की छोटी सी गड़बड़ी के लिए घंटों तक मास्टर ट्रेनर और सेक्टर मजिस्ट्रेट का इंतजार किया जाता रहा। जबकि मास्टर ट्रेनर आते ही ठीक कर देते। बार-बार समझाया भी गया, लेकिन अप्रशिक्षित होने के चलते मशीनों का संचालन नहीं कर पाए। ईवीएम मशीनों की भी तकनीकी रूप से फिट होने की जांच नहीं कराई जा सकी। रात 12 बजे तक मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मास्टर ट्रेनर मशीनों की जांच करते रहे और ठीक करते रहे। ग्राम सबा माजरा, मल्हा माजरा, शुक्रताल, टाबर के मतदान केंद्रों पर रात में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं मास्टर ट्रेनर ने पहुंचकर मशीनें ठीक भी कीं, लेकिन सुबह जैसे ही मतदान शुरू हुआ मशीनें कुछ देर चलने के बाद बंद होनी शुरू हो गईं। जोनल मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट को सूचना देकर पीठासीन अधिकारी भी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गए। एक के बाद एक करके धड़ाधड़ ईवीएम खराब होने की शिकायतें आने लगीं तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। व्यवस्था इतनी खराब रही कि मशीनों को ठीक करने अथवा बदलने के लिए घंटों तक अधिकारी नहीं पहुंचे। इब्राहिमपुर में दो घंटे, सबा माजरा में एक घंटे, माल्हा माजरा में लगभग डेढ़ घंटे, पटनी में लगभग ढाई घंटे, नकुड़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक घंटा, भनेड़ा खेमचंद में लगभग एक घंटा, ग्राम झरौली में एक घंटा, हरपाल में लगभग दो घंटे, अंबेहटा में एक घंटा, इस्लामनगर में दो घंटे, नकुड़ के केएलजीएम में लगभग दो घंटे, ग्राम धलापड़ा में दो घंटे, सरसावा के डीसी जैन में लगभग डेढ़ घंटा, नकुड़ के बूथ 309 पर लगभग ढाई घंटा, ढायकी में एक घंटा, ग्राम झबीरन में लगभग ढाई घंटा, ओलरा गांव में लगभग 3 घंटा, ग्राम नैनपुर सैय्यद में लगभग दो घंटे तक मशीनें खराब होने से मतदान बाधित रहा। ग्राम शुक्रताल में दो बूथों में से एक बूथ पर तीन घंटे तक मशीन बंद रहीं, जबकि दूसरे बूथ की खराब मशीन को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक भी नहीं बदला जा सका। अव्यवस्था इतनी अधिक रही कि मास्टर ट्रेनर बूथों तक पहुंच ही नहीं सके। ग्राम काजीपुरा में भी शाम तक ईवीएम ठीक नहीं हो सकीं। इस अव्यवस्था को लेकर न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा पर मतदाता सवाल उठाते रहे, बल्कि लोग चिल्लाते रहे, पीठासीन अधिकारियों से भिड़ते रहे, हंगामा, प्रदर्शन करते रहे। मतदाताओं ने व्यवस्था को लेकर भारी रोष है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed