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शहीद के परिवार ने भारतीय वायुसेना के पराक्रम को सराहा
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शहीद के परिवार ने भारतीय वायुसेना के पराक्रम को सराहा
नकुड़ (सहारनपुर)। विगत 19 नवंबर को कश्मीर के सांबा सेक्टर में शहीद हुए गांव भैरमऊ निवासी बीएसएफ में सहायक कमांडेंट रहे जबर सिंह के परिजनों भी खुशी जाहिर की है। मंगलवार को जैसे ही भारतीय सेना द्वारा पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह करने की खबरें मिली तो क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय सेना के साहसिक पराक्रम के बाद जब गांव भैरमऊ निवासी विगत 19 नवंबर को कश्मीर के सांबा सेक्टर में शहीद हुए बीएसएफ के सहायक कमाडेंट जबरसिंह के परिजनों का सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया। शहीद जबर सिंह के पिता सिताब सिंह और भाई जगदीश ने सर्जिकल स्ट्राइक-2 के बाद कहा कि यह सरकार द्वारा देर उठाया गया सराहनीय कदम है। इससे 14 फरवरी को पुलवामा में शहीद हुए भारतीय जवानों के परिजनों को खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि देश की शहीदों की आत्मा को पूर्ण शांति तब मिलेगी जब आतंकवाद का नामोंनिशान मिट जाएगा। शहीद जबर सिंह की पत्नी रविता ने कहा कि जब देश का कोई भी सैनिक शहीद होता है तो उन्हें आज भी ऐसा लगता है कि उनके परिवार का ही कोई व्यक्ति शहीद हुआ है। सबसे पहले देश है। बाकी सब उसके बाद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि है तथा सभी भारतीयों के लिए राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि होनी चाहिए। इस दौरान शहीद की भाभी मेमो देवी, बारह वर्षीय बेटा हर्षित, दस वर्षीय बेटी मंजीत तथा अन्य परिजन रहे। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक तथा गैर राजनीतिक दलों के लोगों ने भी भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को शहीदों की शहादत को श्रद्धांजली बताया है।
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नकुड़ (सहारनपुर)। विगत 19 नवंबर को कश्मीर के सांबा सेक्टर में शहीद हुए गांव भैरमऊ निवासी बीएसएफ में सहायक कमांडेंट रहे जबर सिंह के परिजनों भी खुशी जाहिर की है। मंगलवार को जैसे ही भारतीय सेना द्वारा पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह करने की खबरें मिली तो क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय सेना के साहसिक पराक्रम के बाद जब गांव भैरमऊ निवासी विगत 19 नवंबर को कश्मीर के सांबा सेक्टर में शहीद हुए बीएसएफ के सहायक कमाडेंट जबरसिंह के परिजनों का सीना भी गर्व से चौड़ा हो गया। शहीद जबर सिंह के पिता सिताब सिंह और भाई जगदीश ने सर्जिकल स्ट्राइक-2 के बाद कहा कि यह सरकार द्वारा देर उठाया गया सराहनीय कदम है। इससे 14 फरवरी को पुलवामा में शहीद हुए भारतीय जवानों के परिजनों को खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि देश की शहीदों की आत्मा को पूर्ण शांति तब मिलेगी जब आतंकवाद का नामोंनिशान मिट जाएगा। शहीद जबर सिंह की पत्नी रविता ने कहा कि जब देश का कोई भी सैनिक शहीद होता है तो उन्हें आज भी ऐसा लगता है कि उनके परिवार का ही कोई व्यक्ति शहीद हुआ है। सबसे पहले देश है। बाकी सब उसके बाद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि है तथा सभी भारतीयों के लिए राष्ट्रभक्ति सर्वोपरि होनी चाहिए। इस दौरान शहीद की भाभी मेमो देवी, बारह वर्षीय बेटा हर्षित, दस वर्षीय बेटी मंजीत तथा अन्य परिजन रहे। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक तथा गैर राजनीतिक दलों के लोगों ने भी भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को शहीदों की शहादत को श्रद्धांजली बताया है।