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शासन के रडार पर सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:33 AM IST
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सहारनपुर। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर हुई है। यही वजह है कि प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से मौजूदा सुविधाओं का ब्योरा मांगा जा रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि शासन की गोपनीय टीमें बनाई हैं, जो अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जाकर तमाम व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं।
जिला अस्पताल से भी मौजूदा सुविधाओं और जो सुविधाएं नहीं हैं उनके बारे में पूछा गया है। शासन ने अस्पताल प्रशासन से ऑक्सीजन की उपलब्धता, चिकित्सकों और कर्मचारियों की संख्या, ओपीडी की संख्या, वार्डों की संख्या, तमाम तरह की जांच की व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, भवनों की स्थिति आदि के बारे में पूछा गया है, जिसकी पूरी रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन शासन को भेज भी चुका है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की घटना में बच्चों और अन्य मरीजों की मौत की वजह ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होना पाया गया था। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लोगों के कमीशन का खेल भी सामने आया था। कमीशनखोरी को भी शासन ने गंभीरता से लिया है। मिल रही जानकारी के अनुसार शासन ने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में फैले कमीशनखोरी समेत तमाम तरह के भ्रष्टाचार का पता लगाकर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने का प्लान भी तैयार कर लिया है। इसके लिए शासन की अलग-अलग टीमें अलग-अलग जनपदों में जाकर गोपनीय तरीके से अस्पतालों की व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। उधर, सीएमएस डॉ. सत्य सिंह ने बताया कि शासन ने जिला अस्पताल के संबंध में जानकारी मांगी थी, जो भेजी जा चुकी है। मगर अभी तक कोई टीम आने की जानकारी उनके पास नहीं है।
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जिला अस्पताल से भी मौजूदा सुविधाओं और जो सुविधाएं नहीं हैं उनके बारे में पूछा गया है। शासन ने अस्पताल प्रशासन से ऑक्सीजन की उपलब्धता, चिकित्सकों और कर्मचारियों की संख्या, ओपीडी की संख्या, वार्डों की संख्या, तमाम तरह की जांच की व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, भवनों की स्थिति आदि के बारे में पूछा गया है, जिसकी पूरी रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन शासन को भेज भी चुका है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की घटना में बच्चों और अन्य मरीजों की मौत की वजह ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होना पाया गया था। साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लोगों के कमीशन का खेल भी सामने आया था। कमीशनखोरी को भी शासन ने गंभीरता से लिया है। मिल रही जानकारी के अनुसार शासन ने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में फैले कमीशनखोरी समेत तमाम तरह के भ्रष्टाचार का पता लगाकर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने का प्लान भी तैयार कर लिया है। इसके लिए शासन की अलग-अलग टीमें अलग-अलग जनपदों में जाकर गोपनीय तरीके से अस्पतालों की व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। उधर, सीएमएस डॉ. सत्य सिंह ने बताया कि शासन ने जिला अस्पताल के संबंध में जानकारी मांगी थी, जो भेजी जा चुकी है। मगर अभी तक कोई टीम आने की जानकारी उनके पास नहीं है।
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