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दोपहर में ज्यादातर बूथ सूने रहे
Updated Tue, 29 May 2018 12:39 AM IST
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दोपहर में ज्यादातर बूथ सूने रहे
सहारनपुर। उपचुनाव के मतदान में गर्मी भी बड़ी बाधा रही। इसी गर्मी के कारण दोपहर के समय ज्यादातर बूथ सूने रहे। कंट्रोल रूम से प्राप्त आंकड़ों की बात करें तो सबसे कम मतदान पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक ही रहा। सुबह और शाम के वक्त ही ज्यादातर वोटिंग की गई।
दोपहर के समय बूथों के अंदर बैठे मतदान कर्मी वोटरों का इंतजार करते नजर आए। बूथों पर भीड़ न होने की वजह से सुरक्षाकर्मी भी आराम फरमाते दिखे। सरसावा के गांव सलेमपुर में बने मतदान केंद्र पर साढ़े 11 बजे बूथ खाली पड़े रहे। टाबर, माजरा में दोपहर 12 बजे और चालाकपुर में भी दोपहर के समय बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। शाम पांच बजे के बाद बूथों पर फिर से मतदाताओं की कतारें लगी नजर आईं। ऐसी ही स्थिति नकुड़ और गंगोह क्षेत्र के अन्य मतदान केंद्रों की रही। अधिकांश बूथों पर न तो पानी की व्यवस्था और न ही कतार में लगे मतदाताओं को धूप से बचाने के लिए कोई इंतजाम किए थे। मुस्लिम मतदाताओं को काफी देर तक धूप में खड़े होने से दिक्कत हुई।
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सहारनपुर। उपचुनाव के मतदान में गर्मी भी बड़ी बाधा रही। इसी गर्मी के कारण दोपहर के समय ज्यादातर बूथ सूने रहे। कंट्रोल रूम से प्राप्त आंकड़ों की बात करें तो सबसे कम मतदान पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक ही रहा। सुबह और शाम के वक्त ही ज्यादातर वोटिंग की गई।
दोपहर के समय बूथों के अंदर बैठे मतदान कर्मी वोटरों का इंतजार करते नजर आए। बूथों पर भीड़ न होने की वजह से सुरक्षाकर्मी भी आराम फरमाते दिखे। सरसावा के गांव सलेमपुर में बने मतदान केंद्र पर साढ़े 11 बजे बूथ खाली पड़े रहे। टाबर, माजरा में दोपहर 12 बजे और चालाकपुर में भी दोपहर के समय बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। शाम पांच बजे के बाद बूथों पर फिर से मतदाताओं की कतारें लगी नजर आईं। ऐसी ही स्थिति नकुड़ और गंगोह क्षेत्र के अन्य मतदान केंद्रों की रही। अधिकांश बूथों पर न तो पानी की व्यवस्था और न ही कतार में लगे मतदाताओं को धूप से बचाने के लिए कोई इंतजाम किए थे। मुस्लिम मतदाताओं को काफी देर तक धूप में खड़े होने से दिक्कत हुई।
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