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पांच गांवों में हैंडपंप ठप, पानी को तरसे ग्रामीण
Updated Wed, 23 May 2018 12:16 AM IST
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पांच गांवों में हैंडपंप ठप, पानी को तरसे ग्रामीण
शाकंभरी (सहारनपुर)। शिवालिक तलहटी में बसी पांच हजार की आबादी जल निगम की घोर लापरवाही और शासन की उदासीनता के चलते बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। गर्मी के मौसम में हैंडपंपों के हलक भी सूख गए है। ग्रामीणों ने जल स्रोत के कुएं से गांव तक पानी की सप्लाई करने वाली टूटी हुई लाइन को नई बिछाने और निगम के नलकूप पर जनरेटर लगाने की मांग भी की है।
बता दें कि शिवालिक तलहटी में बसे हबीबपुर तपोवन ग्राम पंचायत के पांच गांव रामपुर, बड़कला, हबीबपुर तपोवन (खवासपुर), मोहम्मदपुर झाझरा इंदरपुर तालड़ा की आबादी लगभग पांच हजार है। पांच गांवों के ग्रामीण पीने के पानी की बूंद बूंद को तरस रहे हैं। इन पांचों गांव के पीने के पानी की सप्लाई के लिए लगभग 40 वर्ष पूर्व शिवालिक जंगल की खोल में जल स्रोत के कुएं बनाए गए थे। इनमें पहाड़ों से पाइप लाइन के द्वारा कुएं में पानी इकट्ठा किया जाता था। पांचों गांवों तक पाइपलाइन बिछाई गई थी। इनसे पीने के पानी की आपूर्ति की जाती थी।
घाड़ क्षेत्र मजदूर मोर्चा संयोजक चाणूराम, पूर्व प्रधान मुदा हसन, रियाजुल चौधरी ग्राम प्रधान, मामचंद, अशोक, संजय चौधरी, शाहिद, हसनदीन, ग्राम प्रधान बड़कला भोपाल सिंह, प्रधान प्रतिनिधि राजेश, ऋषि पाल, सोनू आदि ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से पेयजल पाइप लाइन बिल्कुल टूट गई है। गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है जबकि जल स्रोत का कुआं पानी से लबरेज है।
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बता दें कि विगत सात साल पहले ग्रामीणों के हंगामों के बाद जल निगम चेता था और जल स्रोत के कुए के जोड़ से बड़कला गांव तक 1.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई थी। लेकिन वह भी टूट गई है। उसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इसके अलावा घाड़ क्षेत्र मजदूर मोर्चा कार्यकर्ताओं के आंदोलनों के बाद हैदरपुर हिंदूवाला में जल निगम द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए एक ट्यूबवेल लगाया गया था। लेकिन ट्यूबवेल के साथ पानी का टैंक न बनने से समस्या जस की तस बनी है क्योंकि इस ट्यूबवेल से गांव तक लाइट होने पर सीधे आपूर्ति की जाती है। पानी का टैंक न होने से कहीं पर तो पानी पहुंचता है और ऊंचाई के स्थान पर पानी नहीं पहुंच पाता है।
जल निगम द्वारा मई के प्रथम माह में जून माह तक प्रतिवर्ष ग्रामीणों की भयंकर जल समस्या को देखते हुए घाड़ की ट्यूबवेलों पर जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाती थी। मगर इस बार मई माह का एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी जनरेटर की व्यवस्था नहीं की गई है और जबकि जल निगम द्वारा सभी मरम्मत के कार्य को पंचायत निधि से करवाने की बात कहकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली जाती है ग्राम प्रधान रियाजुल चौधरी का कहना है कि पंचायत निधि में इतना धन ही नहीं आता जिससे टूटी हुई लाइन की मरम्मत कराई जा सके और अलग से इस कार्य के लिए कोई बजट की व्यवस्था नहीं है।
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सात परियोजनाओं पर लगाए हैं सौर ऊर्जा प्लांट
इस मामले में जल निगम के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार का कहना है कि घाड़ की सात परियोजनाओं पर सौर ऊर्जा प्लांट लगा दिए गए है शेष बची परियोजनओं पर भी लग जाएंगे। विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है। जेनरेटर कैसे लगाए अभी बजट के लिए शासन को लिखा गया है बजट आते ही कार्य करा दिए जाएंगे।
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शाकंभरी (सहारनपुर)। शिवालिक तलहटी में बसी पांच हजार की आबादी जल निगम की घोर लापरवाही और शासन की उदासीनता के चलते बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। गर्मी के मौसम में हैंडपंपों के हलक भी सूख गए है। ग्रामीणों ने जल स्रोत के कुएं से गांव तक पानी की सप्लाई करने वाली टूटी हुई लाइन को नई बिछाने और निगम के नलकूप पर जनरेटर लगाने की मांग भी की है।
बता दें कि शिवालिक तलहटी में बसे हबीबपुर तपोवन ग्राम पंचायत के पांच गांव रामपुर, बड़कला, हबीबपुर तपोवन (खवासपुर), मोहम्मदपुर झाझरा इंदरपुर तालड़ा की आबादी लगभग पांच हजार है। पांच गांवों के ग्रामीण पीने के पानी की बूंद बूंद को तरस रहे हैं। इन पांचों गांव के पीने के पानी की सप्लाई के लिए लगभग 40 वर्ष पूर्व शिवालिक जंगल की खोल में जल स्रोत के कुएं बनाए गए थे। इनमें पहाड़ों से पाइप लाइन के द्वारा कुएं में पानी इकट्ठा किया जाता था। पांचों गांवों तक पाइपलाइन बिछाई गई थी। इनसे पीने के पानी की आपूर्ति की जाती थी।
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घाड़ क्षेत्र मजदूर मोर्चा संयोजक चाणूराम, पूर्व प्रधान मुदा हसन, रियाजुल चौधरी ग्राम प्रधान, मामचंद, अशोक, संजय चौधरी, शाहिद, हसनदीन, ग्राम प्रधान बड़कला भोपाल सिंह, प्रधान प्रतिनिधि राजेश, ऋषि पाल, सोनू आदि ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से पेयजल पाइप लाइन बिल्कुल टूट गई है। गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है जबकि जल स्रोत का कुआं पानी से लबरेज है।
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बता दें कि विगत सात साल पहले ग्रामीणों के हंगामों के बाद जल निगम चेता था और जल स्रोत के कुए के जोड़ से बड़कला गांव तक 1.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई थी। लेकिन वह भी टूट गई है। उसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। इसके अलावा घाड़ क्षेत्र मजदूर मोर्चा कार्यकर्ताओं के आंदोलनों के बाद हैदरपुर हिंदूवाला में जल निगम द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए एक ट्यूबवेल लगाया गया था। लेकिन ट्यूबवेल के साथ पानी का टैंक न बनने से समस्या जस की तस बनी है क्योंकि इस ट्यूबवेल से गांव तक लाइट होने पर सीधे आपूर्ति की जाती है। पानी का टैंक न होने से कहीं पर तो पानी पहुंचता है और ऊंचाई के स्थान पर पानी नहीं पहुंच पाता है।
जल निगम द्वारा मई के प्रथम माह में जून माह तक प्रतिवर्ष ग्रामीणों की भयंकर जल समस्या को देखते हुए घाड़ की ट्यूबवेलों पर जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाती थी। मगर इस बार मई माह का एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी जनरेटर की व्यवस्था नहीं की गई है और जबकि जल निगम द्वारा सभी मरम्मत के कार्य को पंचायत निधि से करवाने की बात कहकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली जाती है ग्राम प्रधान रियाजुल चौधरी का कहना है कि पंचायत निधि में इतना धन ही नहीं आता जिससे टूटी हुई लाइन की मरम्मत कराई जा सके और अलग से इस कार्य के लिए कोई बजट की व्यवस्था नहीं है।
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सात परियोजनाओं पर लगाए हैं सौर ऊर्जा प्लांट
इस मामले में जल निगम के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार का कहना है कि घाड़ की सात परियोजनाओं पर सौर ऊर्जा प्लांट लगा दिए गए है शेष बची परियोजनओं पर भी लग जाएंगे। विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है। जेनरेटर कैसे लगाए अभी बजट के लिए शासन को लिखा गया है बजट आते ही कार्य करा दिए जाएंगे।