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नारी सृष्टि का सृजन करती है, उसे शक्तिशाली बनाओ
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:16 AM IST
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सहारनपुर। आर्य समाज के वेद प्रचार सप्ताह में आयोजित नारी सम्मेलन में वैदिक भजनोपदेशक पंडित सत्यपाल पथिक ने कहा कि नारी आज कमजोर हो चुकी है। जबकि नारी ही सृष्टि का सृजन करती है, उसको शक्तिशाली बनाने की आवश्यकता है।
मंगलवार को खलासी लाइन स्थित आर्यसमाज आयोजित महिला सम्मेलन में वैदिक विद्वान पंडित सत्यपाल पथिक का अभिनंदन किया गया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सम्मान नहीं बल्कि महर्षि दयानंद सरस्वती का सम्मान है, जिन्होंने ईंट पत्थर सहकर और विष पीकर भी सत्य की राह नहीं छोड़ी थी। डीएवी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य मीनू भट्टाचार्य ने कहा कि लड़कियों का जन्म उसी के घर में होता है जो ईश्वर के करीब होते हैं। मातृ शक्ति ही राष्ट्र को सबल बना सकती है। आचार्य सोमदेव और वैदिक भजनोपदेशक वीरेंद्र मिश्र, सुरेश कुमार सेठी, डा. पूर्णचंद शास्त्री, रविकांत राणा, मधुकांत राणा, नरेंद्र गर्ग, विनोद दधीचि, मीना वर्मा आदि ने भी विचार रखे। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान अक्षय यादव और अर्चना यादव रहे। ब्रह्मदेव पुरोहित रहे। इस दौरान ओमप्रकाश आर्य, योगराज शर्मा, इंद्र सिंह, सुधीर आर्य, रमेश राजा, राजकुमार आर्य, अनिज मारवा, अनीता आर्या, रविन्द्र आर्या, मणिराम सैनी, रामकिशोर सैनी, सुमित्रा सैनी, शोभा आर्या, रघुनंदन प्रसाद आर्य, रमा देवी, शांति देवी, कृष्ण लाल शर्मा, आदि रहे।
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मंगलवार को खलासी लाइन स्थित आर्यसमाज आयोजित महिला सम्मेलन में वैदिक विद्वान पंडित सत्यपाल पथिक का अभिनंदन किया गया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सम्मान नहीं बल्कि महर्षि दयानंद सरस्वती का सम्मान है, जिन्होंने ईंट पत्थर सहकर और विष पीकर भी सत्य की राह नहीं छोड़ी थी। डीएवी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य मीनू भट्टाचार्य ने कहा कि लड़कियों का जन्म उसी के घर में होता है जो ईश्वर के करीब होते हैं। मातृ शक्ति ही राष्ट्र को सबल बना सकती है। आचार्य सोमदेव और वैदिक भजनोपदेशक वीरेंद्र मिश्र, सुरेश कुमार सेठी, डा. पूर्णचंद शास्त्री, रविकांत राणा, मधुकांत राणा, नरेंद्र गर्ग, विनोद दधीचि, मीना वर्मा आदि ने भी विचार रखे। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान अक्षय यादव और अर्चना यादव रहे। ब्रह्मदेव पुरोहित रहे। इस दौरान ओमप्रकाश आर्य, योगराज शर्मा, इंद्र सिंह, सुधीर आर्य, रमेश राजा, राजकुमार आर्य, अनिज मारवा, अनीता आर्या, रविन्द्र आर्या, मणिराम सैनी, रामकिशोर सैनी, सुमित्रा सैनी, शोभा आर्या, रघुनंदन प्रसाद आर्य, रमा देवी, शांति देवी, कृष्ण लाल शर्मा, आदि रहे।
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