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चंद्रशेखर पर रासुका की अवधि बढ़ाने पर रोष
Updated Fri, 04 May 2018 11:56 PM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। दलित शोषण मुक्ति मंच ने जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर सरकार द्वारा रासुका की कार्रवाई को तीन माह के लिए बढ़ा दिए जाने की निंदा करते हुए इसे फौरन वापस लेने की मांग की है।
शुक्रवार को संगठन ने राज्यपाल के नाम संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को सौंपा। जिसमें कहा गया कि शब्बीरपुर प्रकरण में झूठे मामले में जेल में बंद भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर लगी रासुका की अवधि समाप्त होने जा रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने अपनी दलित विरोधी मानसिकता दिखाते हुए रासुका की अवधि को तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का रवैया दलितों के प्रति असंवेदनशील है। दलित समाज आज भय के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने चंद्रशेखर, शिवकुमार व सोनू पर लगी रासुका हटाकर जेल से रिहा करने, 2 अप्रैल की घटना के नाम पर निर्दोष दलितों पर लगाए झूठे मुकदमे वापस लेने तथा दलितों पर लगातार बढ़ रहे हमलों पर कार्रवाई कर हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में अजय कुमार, शौर्य अंबेडकर, अश्वनी कुमार, नरेश कुमार, अमन कुमार, शिवकुमार, डा. कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को संगठन ने राज्यपाल के नाम संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम रामविलास यादव को सौंपा। जिसमें कहा गया कि शब्बीरपुर प्रकरण में झूठे मामले में जेल में बंद भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर लगी रासुका की अवधि समाप्त होने जा रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने अपनी दलित विरोधी मानसिकता दिखाते हुए रासुका की अवधि को तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का रवैया दलितों के प्रति असंवेदनशील है। दलित समाज आज भय के माहौल में जीने को मजबूर है। उन्होंने चंद्रशेखर, शिवकुमार व सोनू पर लगी रासुका हटाकर जेल से रिहा करने, 2 अप्रैल की घटना के नाम पर निर्दोष दलितों पर लगाए झूठे मुकदमे वापस लेने तथा दलितों पर लगातार बढ़ रहे हमलों पर कार्रवाई कर हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में अजय कुमार, शौर्य अंबेडकर, अश्वनी कुमार, नरेश कुमार, अमन कुमार, शिवकुमार, डा. कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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