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सांसद ने देखा पजना का टूटा पुल, अप्रोच रोड बनवाने का दिया भरोसा
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:48 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। मिर्जापुर के पास पजना नदी का पुल टूटने के बाद बंद हुए दिल्ली-यमुनोत्री पर सफर करना अब जोखिम भरा हो गया है। सहारनपुर से विकासनगर आने जाने वाले यात्रियों को नदी के किनारों पर छोड़ दिया जाता है। इसके बाद यात्री नदी को पार कर दूसरे किनारे पहुंचने के बाद बस में सवार हो रहे हैं। उधर, टूटे हुए पुल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने यात्रियों एवं स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि टूटे हुए पुल की बराबर में बनाए गए पुलों की अप्रोच बनाने का कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा। समस्या के समाधान में एक से डेढ़ माह का समय लगेगा।
बता दें कि शनिवार की तड़के पजना नदी का पुल टूटने के बाद दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पूरी से तरह से बंद है। वैकल्पिक तौर सहारनपुर और विकासनगर से यात्रियों को लेकर नदी के किनारों पर छोड़ा जा रहा है। इसके बाद यात्री नदी से होकर आने के बाद बसों में सवार होकर सहारनपुर से विकासनगर एवं विकासनगर से सहारनपुर का सफर तय कर रहे है, जो जोखिम भरा है। अधिकारियों का कहना है, कि समस्या के समाधान के लिए मंथन हो रहा है। जल्द ही कोई रास्ता निकालकर कार्य शुरू कराया जाएगा। उधर, रविवार की शाम करीब 6 बजे सांसद राघव लखनपाल टूटे हुए पुल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उनके साथ ठाकुर राजबीर सिंह, जिला उपाध्यक्ष सोनेंद्र राणा, मुकेश राणा, सुभाष सैनी, विजय सैनी, अरूण शर्मा, राकेश गाबा, इश्त्याक प्रधान, पूरण सिंह, नरेश कुमार, सूर्यकांत राणा आदि मौजूद रहे।
आठ साल से डैमेज थी साइड
बेहट। पजना नदी का टूटे पुल की एक साइड पिछले आठ साल डैमेज थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने पुल की कोई सुध नहीं ली। यदि अवरोध लगाकर डैमेज साइड से वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाता और उसकी मरम्मत कर दी जाती, तो शायद अभी नहीं टूटता। दूसरे पुल की अप्रोच की बराबर में पुलिस की नाक तले अवैध खनन होता रहा, लेकिन किसी ने अवैध खनन करने वालों को टोका तक नहीं।
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बता दें कि शनिवार की तड़के पजना नदी का पुल टूटने के बाद दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पूरी से तरह से बंद है। वैकल्पिक तौर सहारनपुर और विकासनगर से यात्रियों को लेकर नदी के किनारों पर छोड़ा जा रहा है। इसके बाद यात्री नदी से होकर आने के बाद बसों में सवार होकर सहारनपुर से विकासनगर एवं विकासनगर से सहारनपुर का सफर तय कर रहे है, जो जोखिम भरा है। अधिकारियों का कहना है, कि समस्या के समाधान के लिए मंथन हो रहा है। जल्द ही कोई रास्ता निकालकर कार्य शुरू कराया जाएगा। उधर, रविवार की शाम करीब 6 बजे सांसद राघव लखनपाल टूटे हुए पुल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उनके साथ ठाकुर राजबीर सिंह, जिला उपाध्यक्ष सोनेंद्र राणा, मुकेश राणा, सुभाष सैनी, विजय सैनी, अरूण शर्मा, राकेश गाबा, इश्त्याक प्रधान, पूरण सिंह, नरेश कुमार, सूर्यकांत राणा आदि मौजूद रहे।
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आठ साल से डैमेज थी साइड
बेहट। पजना नदी का टूटे पुल की एक साइड पिछले आठ साल डैमेज थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने पुल की कोई सुध नहीं ली। यदि अवरोध लगाकर डैमेज साइड से वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाता और उसकी मरम्मत कर दी जाती, तो शायद अभी नहीं टूटता। दूसरे पुल की अप्रोच की बराबर में पुलिस की नाक तले अवैध खनन होता रहा, लेकिन किसी ने अवैध खनन करने वालों को टोका तक नहीं।
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