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शब्बीरपुर के पीड़ितों ने फिर दी दर्जनों लोगों के खिलाफ तहरीर

Thu, 06 Jul 2017 12:20 AM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:20 AM IST
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शब्बीरपुर के पीड़ितों ने फिर दी दर्जनों लोगों के खिलाफ तहरीर
शब्बीरपुर के पीड़ितों ने दी दर्जनों लोगों के खिलाफ तहरीर
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सहारनपुर। शब्बीरपुर बवाल को लेकर पुलिस बेशक कार्रवाई करने को लेकर बैकफुट पर आ चुकी हो, लेकिन शब्बीरपुर के दलित समाज के लोग शांत नहीं है। शब्बीरपुर के लोगों ने राजपूत समाज के लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी देहात को तहरीर दी है।
बुधवार को ग्राम शब्बीरपुर के दर्जनों लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे। लोगों ने पुलिस अधिकारियों पर उनकी बड़गांव थाना में दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन पर हमला किया गया, आग लगाई गई, मारपीट की गई। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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लोग एसपी देहात विद्यासागर के कार्यालय पहुंचे और उन्हें आरोपियों के खिलाफ तहरीर सौंपी। जिसमें अनुज ने मोहित पुत्र नरेंद्र, निहाल, अंकुर, मोहित पुत्र भाईजी एवं एक अज्ञात निवासी ग्राम महेशपुर के खिलाफ तहरीर दी। नीता पत्नी सोमवाल ने बबलू, अमरपाल, इंद्रपाल, गोविंद, राजू निवासी शब्बीरपुर के खिलाफ तहरीर दी। मनोज ने आदित्य, शेरसिंह, गोविंद, राजगुरु, अमरपाल, जसवीर, मोहित, अनुज, रामवीर, ओमकार, रवि कुमार, जितेंद्र, सुशील, दिनेश, प्रदीप समेत लोगों के खिलाफ तहरीर दी। इसके अलावा रूपा, सुशीला, संसारी, सलेलता, मुनेश, संतोष ने भी तहरीर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़गांव पुलिस ने अभी तक उनकी तहरीर पर इन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज ही नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो धरना प्रदर्शन करेंगे।
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पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं दिला पाया प्रशासन
सहारनपुर। प्रशासन बवाल के पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं दिला सका है। पांच मई को शब्बीरपुर में हुई घटना के पीड़ितों ने बुधवार को एसपी देहात कार्यालय पर हंगामा भी किया। 9 मई को हुई हिंसा और आगजनी के पीड़ित भी दो माह से मुआवजे के इंतजार में हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता से पीड़ितों में गुस्सा फूट रहा है।
शब्बीरपुर बवाल और 9 मई को हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन देकर शांत कर दिया था। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें सरकारी इमदाद मिल जाएगी और उनकी दिनचर्या सामान्य हो जाएगी। लेकिन माहौल शांत होने के बाद अधिकारी पूरी तरह से उदासीन हो गए। शब्बीरपुर के 25 प्रतिशत पीड़ितों को भी मुआवजा नहीं मिल सका। जबकि 9 मई के एक भी पीड़ित को मुआवजा नहीं मिला। जिसको लेकर पीड़ितों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ने लगा है।
बुधवार को शब्बीरपुर के लोगों ने एसपी देहात कार्यालय पर पहुंचकर मुआवजा नहीं दिलाए जाने पर जमकर हंगामा किया। लोगों ने आरोप लगाया कि आधे से अधिक लोगों को अभी तक चवन्नी भी नहीं मिल सकी है। जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने सभी को मुआवजा दे दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कागजों में ही मुआवजा बांट दिया है या फिर कुछ लोगों को मुआवजा देकर खानापूर्ति कर दी।
लोगों के इस गुस्से को राजनीति दल भी हवा देने की तैयारी में हैं। कांग्रेस और बसपा के पदाधिकारी इस मुद्दे को फिर से उठाकर प्रशासन और शासन को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।


मामले की जानकारी कराएंगे
इस संबंध में एसपी देहात विद्यासागर मिश्र का कहना है कि जिन पीड़ितों की एफआईआर दर्ज नहीं हुई और जिनको मुआवजा नहीं मिल पाया है, उसकी सूची मंगाई गई है। इस मामले की जांच कराएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों से भी इस बारे में बात की जाएगी और किसको कितना मुआवजा मिल गया है, गांव के लोगों को भी बताया जाएगा।
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