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Saharanpur News: नोटों के एक बंडल में आठ गड्डी, तो कोई पूरा बंडल ही मिला जाली
Wed, 02 Sep 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:12 AM IST
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सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जांच कर रही टीम के सामने हर बंडल के साथ चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि दस गड्डी के बंडल में पहली और आखिरी गड्डी तो असली मिली, बीच की आठ गड्डियां जाली नोट की रखी गई थी।
घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में जाली नोटों की जांच बैंक मुख्यालय की टीम कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि करेंसी चेस्ट में नोट रखने के मामले में काफी शातिर तरीका इस्तेमाल किया गया है। आमतौर पर बैंक द्वारा जमा करने वाली राशि को व्यवस्थित करने के लिए बंडल बनाए जाते हैं। इनमें एक गड्डी में 500 रुपये के 100 नोट के हिसाब से 50 हजार रुपये होते हैं। दस गड्डियों को मिलाकर पांच लाख रुपये का एक बंडल बनाया जाता है।
एक बंडल में पांच लाख रुपये की कीमत के नोट होते हैं। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में रखे एक बंडल की दस गड्डियों में आठ गड्डियां नकली मिली हैं। वहीं बताया जा रहा है कि टीम को जांच के दौरान कई ऐसे बंडल भी मिले, जिनमें दस की दस नोटों की गड्डियां ही नकली पाई गईं। इतनी बड़ी मात्रा में धांधली को देखकर जांच कर रहे अधिकारी भी हैरान हैं।
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शुरुआती रैक में सही मिले नोटों के बंडल
करेंसी चेस्ट में शुरुआती रैक में रखे बंडल तो एकदम सही मिले। मतलब उनमें एक भी नकली नोट नहीं पाया गया। इसके बाद जब टीम ने अगली कुछ अन्य रैकों में रखे बंडल की जांच की तो नकली नोट की गड्डियां सामने आईं। बाद वाली रैकों में रखे बंडलों में भी यही खेल किया गया था। नकली नोट का खेल करने वालों ने धोखा देने के लिए तरीका अपनाया कि यदि किसी वजह से जांच की जाती है तो शुरुआत में ही जाली नोट न पकड़े जाएं। करेंसी चेस्ट में जो जाली नोट पकड़े गए हैं, वह नए नोटों के हैं।
- क्वालिटी को भी परख रही टीम
करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की जांच कर रही टीम यह भी देख रही है कि चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता किस स्तर की है। टीम को जांच में पता चला है कि जाली नोटों को बनाने में सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल हुआ है। हालांकि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि इन जाली नोटों को कहां छापा गया है।
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घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में जाली नोटों की जांच बैंक मुख्यालय की टीम कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि करेंसी चेस्ट में नोट रखने के मामले में काफी शातिर तरीका इस्तेमाल किया गया है। आमतौर पर बैंक द्वारा जमा करने वाली राशि को व्यवस्थित करने के लिए बंडल बनाए जाते हैं। इनमें एक गड्डी में 500 रुपये के 100 नोट के हिसाब से 50 हजार रुपये होते हैं। दस गड्डियों को मिलाकर पांच लाख रुपये का एक बंडल बनाया जाता है।
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एक बंडल में पांच लाख रुपये की कीमत के नोट होते हैं। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में रखे एक बंडल की दस गड्डियों में आठ गड्डियां नकली मिली हैं। वहीं बताया जा रहा है कि टीम को जांच के दौरान कई ऐसे बंडल भी मिले, जिनमें दस की दस नोटों की गड्डियां ही नकली पाई गईं। इतनी बड़ी मात्रा में धांधली को देखकर जांच कर रहे अधिकारी भी हैरान हैं।
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शुरुआती रैक में सही मिले नोटों के बंडल
करेंसी चेस्ट में शुरुआती रैक में रखे बंडल तो एकदम सही मिले। मतलब उनमें एक भी नकली नोट नहीं पाया गया। इसके बाद जब टीम ने अगली कुछ अन्य रैकों में रखे बंडल की जांच की तो नकली नोट की गड्डियां सामने आईं। बाद वाली रैकों में रखे बंडलों में भी यही खेल किया गया था। नकली नोट का खेल करने वालों ने धोखा देने के लिए तरीका अपनाया कि यदि किसी वजह से जांच की जाती है तो शुरुआत में ही जाली नोट न पकड़े जाएं। करेंसी चेस्ट में जो जाली नोट पकड़े गए हैं, वह नए नोटों के हैं।
- क्वालिटी को भी परख रही टीम
करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोटों की जांच कर रही टीम यह भी देख रही है कि चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता किस स्तर की है। टीम को जांच में पता चला है कि जाली नोटों को बनाने में सामान्य स्याही और पेपर का इस्तेमाल हुआ है। हालांकि यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि इन जाली नोटों को कहां छापा गया है।