यूपी पुलिस एक और कारनामा: सुरेश उर्फ सोनू के बदले बेगुनाह सुरेश को भेजा जेल, कोर्ट के आदेश पर किया गया रिहा
बताया जा रहा है कि टांडा थाना की पुलिस ने जल्दबाजी दिखाते हुए सुरेश पुत्र किशनलाल को 11 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि उसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं था।
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रामपुर जिले की टांडा थाना की पुलिस ने जल्दबाजी में एक बेगुनाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक समान नाम होने की वजह से पुलिस आलू फार्म कुंडेसरा के आरोपी के बजाए ग्राम कुंडेसरा निवासी सुरेश को जेल भेज दिया। बेगुनाह युवक (सुरेश) के पिता के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उसे तत्काल रिहा करने के आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने गिरफ्तारी करने वाली टीम का स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनके खिलाफ दांडिक प्रकीर्णवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।
मामला टांडा थाने से जुड़ा है। 2016 में टांडा थाने में जानलेवा हमला और मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें सुनील उर्फ सोनू, सुरेश उर्फ सोनू और रूपकिशोरी को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने सुरेश उर्फ सोनू निवासी आलू फार्म कुंडेसरा, थाना काशीपुर, जिला ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) के खिलाफ 10 जनवरी को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। टांडा थाना की पुलिस ने जल्दबाजी दिखाते हुए सुरेश पुत्र किशनलाल को 11 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि उसका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं था।
सुरेश के पिता किशनलाल ने 12 जनवरी को अपने अधिवक्ता दलजीत सिंह राणा से माध्यम से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें कहा कि पुलिस ने बेगुनाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अपर जिला जज (एससी-एसटी एक्ट) पीएन पांडे की कोर्ट ने 12 जनवरी को थाने से रिपोर्ट तलब की। शुक्रवार को दरोगा रामवीर सिंह राठी ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर कहा कि गलत गिरफ्तारी हो गई है, सुरेश को रिहा किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सुरेश को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही गिरफ्तारी करने वाली टीम का स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनके खिलाफ दांडिक प्रकीर्णवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 21जनवरी को होगी।
पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, तहरीर
सुरेश के पिता किशनलाल ने टांडा में तहरीर देकर बेगुनाह को जेल भेजने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके बेगुनाह बेटे को तीन दिन तक जेल में रहना पड़ा।
गिरफ्तार करने वाली टीम
दरोगा रामवीर सिंह राठी, कांस्टेबिल अनिल कुमार, दीपक कुमार, परवेंद्र कुमार, संजोग मान और नरेंद्र कुमार।
इस मामले में कोर्ट के आदेश का पालन होगा। यह लापरवाही का गंभीर मामला है। लापरवाह पुलिस कर्मिर्यों के खिलाफ जांच कराई जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। -अशोक कुमार शुक्ला, एसपी, रामपुर