Rampur: विश्व पटल पर चमकेगी रजा लाइब्रेरी, पीएम के आदेश के बाद हरकत में आया केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय
रामपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने आकाश सक्सेना ने कुछ दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने रामपुर के विकास और रजा लाइब्रेरी को विश्व पटल पर चमकाने के लिए कुछ सुझाव भी रखे थे।
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रामपुर की रजा लाइब्रेरी विश्व पटल पर चमकेगी। प्रधानमंत्री के आदेश के बाद केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय हरकत में आ गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक यह मुलाकात चली। जिसमें रजा लाइब्रेरी के प्रशासनिक ढांचे में सुधार और लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण को लेकर चर्चा हुई। विधायक ने कई सुझाव भी रखे। जिसे संस्कृति मंत्रालय ने तुरंत मंजूरी दे दी। संयुक्त सचिव ने आश्वस्त किया कि जल्द ही रजा लाइब्रेरी में सुधार और कार्य देखने को मिलेंगे।
रामपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने आकाश सक्सेना ने कुछ दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। जिसमें उन्होंने रामपुर के विकास और रजा लाइब्रेरी को विश्व पटल पर चमकाने के लिए कुछ सुझाव भी रखे थे। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि रामपुर रजा लाइब्रेरी के सुधार के लिए व्यापक कदम उठाए जाएंगे। जिस पर उन्होंने तीन दिन पहले ही संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
प्रधानमंत्री ने इसी बैठक में अफसरों को रजा लाइब्रेरी में होने वाले सुधारों और कार्यों के बारे में जानकारी दी थी। जिसके बाद शुक्रवार को संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव मुग्धा सिन्हा ने विधायक आकाश सक्सेना को दिल्ली बुला लिया। जहां दोनों के बीच बैठक हुई। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें संयुक्त सचिव ने प्रधानमंत्री के निर्देशों के बावत जानकारी दी। साथ ही विधायक से भी पूछा कि रजा लाइब्रेरी में क्या-क्या सुधार हो सकते हैं और ऐसे क्या कार्य हैं, जिनके पूरा होने के बाद रजा लाइब्रेरी की आय में इजाफा होगा। विधायक ने बिंदुवार तरीके से अपने सुझाव रखे। जिसे मंत्रालय ने तुरंत मंजूरी दे दी।
विधायक आकाश सक्सेना ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव मुग्धा सिन्हा ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री के आदेश के बाद रजा लाइब्रेरी को विश्व पटल पर लाने के लिए हर जरूरी कार्य कराया जाएगा। यहां ऐतिहासिक पुस्तकों और पांडुलिपियों का अनमोल खजाना है। इसे संरक्षित करने और संवारने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कराए जाएंगे। ताकि, ज्ञान का यह भंडार रामपुर और देश के विकास में अपना योगदान दे सके।