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दमघोंटू हुआ फैिक्ट्रयों का धुआं
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sun, 25 Nov 2018 11:11 PM IST
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फैिक्ट्रयों की चिमनियों से निकलता धुआं।
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प्रदूषण से जिले की बिलासपुर तहसील भी अछूती नहीं है। उत्तराखंड से सटी हुई कई फैक्ट्रियों के धुएं से बिलासपुर के पर्यावरण की सेहत बिगड़ रही है। ऐसे में लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लेकिन अफसरों ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
वायु प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बनता जा रही है। रामपुर से लेकर तहसील क्षेत्रों तक बुरा हाल है। सिर्फ बिलासपुर तहसील क्षेत्र की बात की जाए तो यह तहसील उत्तराखंड के रुद्रपुर से सटी हुई है। रुद्रपुर की सीमा से लगे क्षेत्र में जिले की बड़ी आबादी निवास करती है, जो प्रदूषित वातावरण से पीड़ित है। यहां फैक्ट्रियों से निकले धुएं की वजह से वातावरण बुरी तरह प्रभावित है। ऊपर से वाहनों से निकलने वाला धुआं लगातार बेलगाम होता जा रहा है।
नतीजा यह है कि लोगों की सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। लोगों को खांसी, सीने में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा गले में खरास, दर्द जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो सबसे ज्यादा प्रदूषण फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं से होता है। हवा के साथ धुआं आवासीय क्षेत्र में आ जाता है, जहां हवा में प्रदूषण के कणों की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
वायु प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बनता जा रही है। रामपुर से लेकर तहसील क्षेत्रों तक बुरा हाल है। सिर्फ बिलासपुर तहसील क्षेत्र की बात की जाए तो यह तहसील उत्तराखंड के रुद्रपुर से सटी हुई है। रुद्रपुर की सीमा से लगे क्षेत्र में जिले की बड़ी आबादी निवास करती है, जो प्रदूषित वातावरण से पीड़ित है। यहां फैक्ट्रियों से निकले धुएं की वजह से वातावरण बुरी तरह प्रभावित है। ऊपर से वाहनों से निकलने वाला धुआं लगातार बेलगाम होता जा रहा है।
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नतीजा यह है कि लोगों की सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। लोगों को खांसी, सीने में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा गले में खरास, दर्द जैसी समस्याओं से लोग परेशान हैं। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो सबसे ज्यादा प्रदूषण फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं से होता है। हवा के साथ धुआं आवासीय क्षेत्र में आ जाता है, जहां हवा में प्रदूषण के कणों की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
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