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...यूं भी उजड़े न खेती किसी की
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:28 PM IST
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शहीदे कर्बला के सोयम पर गमगीन माहौल में जरी और जुलजनाह का जुलूस निकाला गया। अंजुमनों ने नोहाख्वानी और अजादारों ने मातम किया। अजाखानों में मजलिस का भी सिलसिला जारी रहा। कर्बला में हजरत इमाम हुसैन के शहीद हो जाने के बाद खून में नहाए घोड़े ने ही उनकी शहादत की खबर खेमों तक पहुंचाई थी।
सोयम पर इमामबाड़ा खासबाग से जरी और जुलजुनाह का जुलूस निकला। जुलूस को पुलिस के जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। मुकामी और बाहर से आईं अंजुमनों ने नोहे पढ़े कि बोली सुगरा दुहाई नबी की, यूं भी उजड़े न खेती किसी की। खेमे जले आग लगी, लाल मेरे शाम हुई। जुलूस फोटो चुंगी रोड से सीआरपीएफ होकर कर्बला पहुंचा।
अजादारों ने यहां भी मातम किया और अजुमनों ने नोहे पढ़े। कर्बला में नोहा पढ़ा कि अलविदा हो अलविदा, मेरे गरीब अलविदा। जुलूस में विधायक नवेद मियां, दि निरुला फैमिली आर्ट ट्र्स्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अर्जुन राज निरुला, अमेरिका की आर्ट हिस्टोरियल रीड हैरीचसन, हमजा मियां, काशिफ खां, असलम महमूद, इफ्तखार महमूद, बिट्टन शामिल थे।
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इससे पहले इमामबाड़ा खासबाग में मौलाना मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन और भाईचारे का पैगाम देता है। इमामबाड़ा जनाबे आलिया और इमामबाड़ा किला में भी मजलिस हुई।
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सोयम पर इमामबाड़ा खासबाग से जरी और जुलजुनाह का जुलूस निकला। जुलूस को पुलिस के जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। मुकामी और बाहर से आईं अंजुमनों ने नोहे पढ़े कि बोली सुगरा दुहाई नबी की, यूं भी उजड़े न खेती किसी की। खेमे जले आग लगी, लाल मेरे शाम हुई। जुलूस फोटो चुंगी रोड से सीआरपीएफ होकर कर्बला पहुंचा।
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अजादारों ने यहां भी मातम किया और अजुमनों ने नोहे पढ़े। कर्बला में नोहा पढ़ा कि अलविदा हो अलविदा, मेरे गरीब अलविदा। जुलूस में विधायक नवेद मियां, दि निरुला फैमिली आर्ट ट्र्स्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अर्जुन राज निरुला, अमेरिका की आर्ट हिस्टोरियल रीड हैरीचसन, हमजा मियां, काशिफ खां, असलम महमूद, इफ्तखार महमूद, बिट्टन शामिल थे।
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इससे पहले इमामबाड़ा खासबाग में मौलाना मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन और भाईचारे का पैगाम देता है। इमामबाड़ा जनाबे आलिया और इमामबाड़ा किला में भी मजलिस हुई।