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अखिलेश यादव के आगमन से गर्माएगी जिले की सियासत
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रामपुर। समाजवादी पार्टी के नेता एवं सांसद आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों की मुखालफत करने सपा मुखिया अखिलेश यादव सोमवार को रामपुर आ रहे हैं। वह आजम खां के परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर हालात का जायजा लेंगे। ऐसे में रामपुर की सियासत गर्माना तय है क्योंकि, आजम खां विरोधी भी सक्रिय हो गए हैं।
समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले सांसद आजम खां की एक वक्त तूती बोलती थी। उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई तो दूर कोई अधिकारी ऐसा सोचता भी नहीं था। लेकिन, पिछले कुछ समय से आजम खां मुश्किलों में हैं। उनके खिलाफ तमाम जांचें चल रही हैं। आजम खां पर किसानों की जमीन कब्जाने, लोगों के घर तोड़ने, भैंस खुलवाने समेत तमाम संगीन आरोपों में अब तक 80 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। रामपुर पब्लिक स्कूल जिस जमीन पर बन रहा है, वहां के लोगों ने भी बेघर करने का आरोप लगाते हुए गलत तरीके से जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। लगातार कार्रवाई के बाद आजम खां खुद तीन माह से रामपुर नहीं आए हैं। हालांकि, बकरीद के समय वह रामपुर आए थे, लेकिन सिर्फ ईद की नमाज अदा करने के बाद वह कब निकल गए, किसी को पता नहीं चला। यही नहीं आजम खां के कई करीबियों पर भी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इसी का नतीजा है कि कई सपा कार्यकर्ता रामपुर से गायब हैं और जो यहां हैं उनका मनोबल बुरी तरह से गिर चुका है। लेकिन पिछले दिनों पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजम खां के समर्थन में उतरे। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर कार्यकर्ताओं से आजम खां के समर्थन में सड़क पर उतरने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि आजम खां की बेइज्जती का कार्यकर्ता विरोध करें। यही वजह है जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर आने का एलान कर दिया है। वह शाम को चार बजे पहुंचेंगे और दो दिनों तक यहीं रहेंगे। वह यहां आने के बाद कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उनमें जोश भरेंगे। इसके साथ ही रामपुर की सियासत भी गर्माना तय है। आजम खां के विरोधी पहले से ही अखिलेश यादव के विरोध को लेकर तरह- तरह की योजनाएं बना रहे हैं, तो कांग्रेेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने तो अखिलेश यादव को ही ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है। ऐसे में भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम विरोधी भी अपने अपने तरीके से अखिलेश यादव के समर्थन करने की निंदा करेंगे।
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समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले सांसद आजम खां की एक वक्त तूती बोलती थी। उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई तो दूर कोई अधिकारी ऐसा सोचता भी नहीं था। लेकिन, पिछले कुछ समय से आजम खां मुश्किलों में हैं। उनके खिलाफ तमाम जांचें चल रही हैं। आजम खां पर किसानों की जमीन कब्जाने, लोगों के घर तोड़ने, भैंस खुलवाने समेत तमाम संगीन आरोपों में अब तक 80 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। रामपुर पब्लिक स्कूल जिस जमीन पर बन रहा है, वहां के लोगों ने भी बेघर करने का आरोप लगाते हुए गलत तरीके से जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। लगातार कार्रवाई के बाद आजम खां खुद तीन माह से रामपुर नहीं आए हैं। हालांकि, बकरीद के समय वह रामपुर आए थे, लेकिन सिर्फ ईद की नमाज अदा करने के बाद वह कब निकल गए, किसी को पता नहीं चला। यही नहीं आजम खां के कई करीबियों पर भी पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इसी का नतीजा है कि कई सपा कार्यकर्ता रामपुर से गायब हैं और जो यहां हैं उनका मनोबल बुरी तरह से गिर चुका है। लेकिन पिछले दिनों पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजम खां के समर्थन में उतरे। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर कार्यकर्ताओं से आजम खां के समर्थन में सड़क पर उतरने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि आजम खां की बेइज्जती का कार्यकर्ता विरोध करें। यही वजह है जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर आने का एलान कर दिया है। वह शाम को चार बजे पहुंचेंगे और दो दिनों तक यहीं रहेंगे। वह यहां आने के बाद कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उनमें जोश भरेंगे। इसके साथ ही रामपुर की सियासत भी गर्माना तय है। आजम खां के विरोधी पहले से ही अखिलेश यादव के विरोध को लेकर तरह- तरह की योजनाएं बना रहे हैं, तो कांग्रेेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने तो अखिलेश यादव को ही ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है। ऐसे में भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम विरोधी भी अपने अपने तरीके से अखिलेश यादव के समर्थन करने की निंदा करेंगे।
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