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बच्चे की मौत पर जिला अस्पताल में परिजनों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Wed, 07 Oct 2015 12:04 AM IST
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जिला अस्पताल में मंगलवार को उपचार के दौरान बालक की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। उनका आरोप था कि स्टाफ की ओर से उपचार के लिए सुविधा शुल्क मांगे गए थे। रुपये न देने पर इलाज में लापरवाही बरती गई। इससे बच्चे की मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया। शहजादनगर थाना क्षेत्र के जुठिया गांव निवासी गोपी के पांच साल के बेटे गिरीश को बुखार आ रहा था। परिजन उसका उपचार पहले नगर के ही एक निजी अस्पताल में करा रहे थे। इसके बाद मंगलवार दोपहर परिजनों ने गिरीश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
उपचार के दौरान कुछ देर बाद बालक की मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने स्टाफ की ओर से उपचार के लिए रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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आरोप था कि काफी देर तक स्टाफ व बाल रोग चिकित्सक द्वारा बच्चे को उपचार नहीं दिया गया। इससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने इलाज में लापरवाही की पुष्टि के लिए परिजनों से पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। इस पर परिजन तैयार नहीं हुए।
इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। सीएमएस डा. आरके ढल का कहना है कि मामले में यदि परिजन लिखित शिकायत करेंगे तो जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया। शहजादनगर थाना क्षेत्र के जुठिया गांव निवासी गोपी के पांच साल के बेटे गिरीश को बुखार आ रहा था। परिजन उसका उपचार पहले नगर के ही एक निजी अस्पताल में करा रहे थे। इसके बाद मंगलवार दोपहर परिजनों ने गिरीश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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उपचार के दौरान कुछ देर बाद बालक की मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने स्टाफ की ओर से उपचार के लिए रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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आरोप था कि काफी देर तक स्टाफ व बाल रोग चिकित्सक द्वारा बच्चे को उपचार नहीं दिया गया। इससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने इलाज में लापरवाही की पुष्टि के लिए परिजनों से पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। इस पर परिजन तैयार नहीं हुए।
इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। सीएमएस डा. आरके ढल का कहना है कि मामले में यदि परिजन लिखित शिकायत करेंगे तो जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।