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Rishikesh News: मां गई छोड़कर, जिंदगी की जंग हार गया नवजात
Sat, 05 Sep 2026 07:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 05 Sep 2026 07:28 PM IST
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मां गायब, चौथे दिन नवजात की मौत, उप जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल
ऋषिकेश। मां की ममता नहीं मिली, चौथे दिन नवजात ने दम तोड़ा। उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में प्रसव के बाद एक महिला के अचानक अस्पताल से चले जाने का मामला सामने आया है। महिला के जाने के चौथे दिन बाद शनिवार को नवजात की मौत हो गई। मामले में सामने आया कि प्रसव के अगले ही दिन महिला बिना अस्पताल प्रशासन को बताए वार्ड से निकल गई थी। मां के बिना अस्पताल में भर्ती नवजात ने चौथे दिन दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई लेकिन महिला की पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज अस्पताल में उपलब्ध नहीं मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, बीते 1 सितंबर को प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला किसी व्यक्ति के साथ उप जिला चिकित्सालय पहुंची थी। अस्पताल में महिला की सामान्य डिलीवरी हुई और उसने लड़के को जन्म दिया। बताया जा रहा है कि 3 सितंबर को महिला अस्पताल प्रशासन को बिना बताए बच्चे को छोड़ वार्ड से चली गई। इसके बाद बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनकर वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदारों ने इसकी जानकारी अस्पताल के काउंटर पर दी। सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
- अस्पातल प्रशासन की सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला ने अस्पताल में फर्जी नंबर लिखाया था। नंबर मेरठ के किसी व्यक्ति का है, जो महिला को नहीं जानता है। यशपाल सिंह बिष्ट प्रभारी निरीक्षक।
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- पहचान संबंधी दस्तावेज पूरे न होने पर किसी को उपचार के लिए मना नहीं किया जा सकता है। महिला प्रसव पीड़ा में थी, इसलिए उसे तत्काल भर्ती कर दिया गया था। नवजात का वजन काफी कम (1 किलो 700 ग्राम)था, नवजात की आंतों में भी इंफेक्शन था। - डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस राजकीय उपजिला चिकित्सालय।
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ऋषिकेश। मां की ममता नहीं मिली, चौथे दिन नवजात ने दम तोड़ा। उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में प्रसव के बाद एक महिला के अचानक अस्पताल से चले जाने का मामला सामने आया है। महिला के जाने के चौथे दिन बाद शनिवार को नवजात की मौत हो गई। मामले में सामने आया कि प्रसव के अगले ही दिन महिला बिना अस्पताल प्रशासन को बताए वार्ड से निकल गई थी। मां के बिना अस्पताल में भर्ती नवजात ने चौथे दिन दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई लेकिन महिला की पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज अस्पताल में उपलब्ध नहीं मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, बीते 1 सितंबर को प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला किसी व्यक्ति के साथ उप जिला चिकित्सालय पहुंची थी। अस्पताल में महिला की सामान्य डिलीवरी हुई और उसने लड़के को जन्म दिया। बताया जा रहा है कि 3 सितंबर को महिला अस्पताल प्रशासन को बिना बताए बच्चे को छोड़ वार्ड से चली गई। इसके बाद बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनकर वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदारों ने इसकी जानकारी अस्पताल के काउंटर पर दी। सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
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- अस्पातल प्रशासन की सूचना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला ने अस्पताल में फर्जी नंबर लिखाया था। नंबर मेरठ के किसी व्यक्ति का है, जो महिला को नहीं जानता है। यशपाल सिंह बिष्ट प्रभारी निरीक्षक।
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- पहचान संबंधी दस्तावेज पूरे न होने पर किसी को उपचार के लिए मना नहीं किया जा सकता है। महिला प्रसव पीड़ा में थी, इसलिए उसे तत्काल भर्ती कर दिया गया था। नवजात का वजन काफी कम (1 किलो 700 ग्राम)था, नवजात की आंतों में भी इंफेक्शन था। - डॉ. आनंद सिंह राणा, सीएमएस राजकीय उपजिला चिकित्सालय।