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हां! हमने दी थी अतिरिक्त चार्जशीट की अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:17 PM IST
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सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले के मामले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने कोर्ट में पेश होकर गवाही दी। उन्होंने कहा कि हमने ही इस मामले में अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने और आरोपियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति प्रदान की थी।
ये पहला मौका है जब इस मामले में किसी आईएएस अधिकारी ने गवाही दी है। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात में हुए आतंकी हमले में सात सीआरपीएफ कर्मी शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी।
घटना के चालीस दिन बाद पुलिस और एटीएस की टीम ने दो पाकिस्तानी समेत कुल आठ आतंकियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार को अभियोजन की ओर से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश को पेश किया गया।
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सभी आरोपियों की मौजूदगी में कुमार कमलेश ने गवाही दी। कहा कि उन्होंने ही विशेष सचिव गृह रहते हुए पुलिस को आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही इन पर मुकदमा चलाने की अनुमति प्रदान की थी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने सवाल दागे, जिनका उन्होंने जवाब दिया।
महाराष्ट्र के पुणे के डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी तुलसीदास शर्मा ने भी कोर्ट में पेश होकर मुंबई के गोरेगांव निवासी आरोपी फईम अरशद अंसारी के फर्जी पासपोर्ट के संबंध में गवाही दी। कहा कि फईम के पासपोर्ट की जांच की गई थी, जोकि फर्जी निकले थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।
बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश और महाराष्ट्र के पुणे के डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी तुलसीदास शर्मा की गवाही के साथ ही अब तक इस मामले में 36 लोगों की गवाही पूरी हो चुकी है। सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। प्रमुख सचिव की गवाही के चलते भी पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। दोपहर के वक्त प्रमुख सचिव यहां स्क्वाड के साथ यहां पहुंचे।
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ये पहला मौका है जब इस मामले में किसी आईएएस अधिकारी ने गवाही दी है। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात में हुए आतंकी हमले में सात सीआरपीएफ कर्मी शहीद हो गए थे, जबकि एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी।
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घटना के चालीस दिन बाद पुलिस और एटीएस की टीम ने दो पाकिस्तानी समेत कुल आठ आतंकियों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। शुक्रवार को अभियोजन की ओर से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश को पेश किया गया।
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सभी आरोपियों की मौजूदगी में कुमार कमलेश ने गवाही दी। कहा कि उन्होंने ही विशेष सचिव गृह रहते हुए पुलिस को आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही इन पर मुकदमा चलाने की अनुमति प्रदान की थी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने सवाल दागे, जिनका उन्होंने जवाब दिया।
महाराष्ट्र के पुणे के डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी तुलसीदास शर्मा ने भी कोर्ट में पेश होकर मुंबई के गोरेगांव निवासी आरोपी फईम अरशद अंसारी के फर्जी पासपोर्ट के संबंध में गवाही दी। कहा कि फईम के पासपोर्ट की जांच की गई थी, जोकि फर्जी निकले थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।
बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश और महाराष्ट्र के पुणे के डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी तुलसीदास शर्मा की गवाही के साथ ही अब तक इस मामले में 36 लोगों की गवाही पूरी हो चुकी है। सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। प्रमुख सचिव की गवाही के चलते भी पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। दोपहर के वक्त प्रमुख सचिव यहां स्क्वाड के साथ यहां पहुंचे।