{"_id":"689e3522aa64190f2a0c167a","slug":"cage-not-installed-to-catch-leopard-panic-among-villagers-rampur-news-c-282-1-rmp1019-151532-2025-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur News: तेंदुआ पकड़ने के लिए नहीं लगा पिंजरा, ग्रामीणों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur News: तेंदुआ पकड़ने के लिए नहीं लगा पिंजरा, ग्रामीणों में दहशत
विज्ञापन
मसवासी। जमना-जमनी गांव और आसपास के इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने के बावजूद अब तक वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया है। विभाग फिलहाल उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने का इंतजार कर रहा है, जबकि तेंदुए के डर से ग्रामीण रातें जागकर गुजार रहे हैं।
बीते सोमवार की देर रात तेंदुए ने जमना-जमनी गांव में एक गौवंशीय पशु को शिकार बनाया था। इसके बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार वन विभाग को पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गांव निवासी सरदार दरबार सिंह ने बताया कि पिछले साल गांव में तेंदुआ दिखाई दिया था।
उस समय विभाग ने पिंजरा लाकर गांव के एक फार्म हाउस पर रख दिया था, लेकिन तेंदुए को पकड़ने के लिए अब तक उसमें शिकार नहीं बांधा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की सक्रियता के बावजूद वन विभाग की धीमी कार्रवाई से उनकी सुरक्षा खतरे में है। बच्चों और मवेशियों को अकेले बाहर भेजना उन्होंने बंद कर दिया है।
विज्ञापन
वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन ने बताया कि पिंजरा लगाने की अनुमति अभी प्राप्त नहीं हुई है। विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है और तेंदुए को ट्रैप करने के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। लोकेशन ट्रेस होने और अनुमति मिलने के बाद पिंजरा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
बीते सोमवार की देर रात तेंदुए ने जमना-जमनी गांव में एक गौवंशीय पशु को शिकार बनाया था। इसके बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार वन विभाग को पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गांव निवासी सरदार दरबार सिंह ने बताया कि पिछले साल गांव में तेंदुआ दिखाई दिया था।
विज्ञापन
उस समय विभाग ने पिंजरा लाकर गांव के एक फार्म हाउस पर रख दिया था, लेकिन तेंदुए को पकड़ने के लिए अब तक उसमें शिकार नहीं बांधा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की सक्रियता के बावजूद वन विभाग की धीमी कार्रवाई से उनकी सुरक्षा खतरे में है। बच्चों और मवेशियों को अकेले बाहर भेजना उन्होंने बंद कर दिया है।
विज्ञापन
वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन ने बताया कि पिंजरा लगाने की अनुमति अभी प्राप्त नहीं हुई है। विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है और तेंदुए को ट्रैप करने के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। लोकेशन ट्रेस होने और अनुमति मिलने के बाद पिंजरा लगाया जाएगा।