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लंबित एरियर नहीं मिलने पर भड़के
Updated Mon, 04 Sep 2017 09:27 PM IST
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रामपुर बुशहर।
खनेरी अस्पताल में सोमवार को ठेका मजदूर यूनियन के बैनर तले लंबित एरियर की मांग और अन्य मुद्दों को लेकर मजदूरों ने प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कहा कि यदि सरकार और अस्पताल प्रबंधक मजदूरों का पूरा वेतन और एरियर का भुगतान जल्द नहीं करते तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। साथ ही अस्पताल में सफाई कार्य को बंद किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रबंधक की होगी।
यूनियन की अध्यक्ष सुनामनी और एरिया कमेटी के महासचिव कुलदीप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अस्पताल के सफाई कर्मियों को सेमिसकिल्ड की कैटेगरी में मई 2015 से रखा है और सेमिसकिल्ड को न्यूनतम वेतन 15.55 रुपये अधिक मिलना था। लेकिन वर्ष 2015 से लेकर अभी तक अस्पताल प्रशासन ने मजदूरों को यह पैसा नहीं दिया, जो 2 साल के एरियर के हिसाब से 11 हजार रुपये बनते हैं। यूनियन ने अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार को मई माह तक एरियर को लागू करने का समय दिया था। लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया। प्रदेश सरकार भी मजदूरों के प्रति गंभीर नहीं है। इस दौरान ठेका मजदूर यूनियन के कोषाध्यक्ष अजय, रानी, सूरज, शीलू, गनेश, राजन, अमित, रेखा आदि उपस्थित रहे।
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खनेरी अस्पताल में सोमवार को ठेका मजदूर यूनियन के बैनर तले लंबित एरियर की मांग और अन्य मुद्दों को लेकर मजदूरों ने प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कहा कि यदि सरकार और अस्पताल प्रबंधक मजदूरों का पूरा वेतन और एरियर का भुगतान जल्द नहीं करते तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। साथ ही अस्पताल में सफाई कार्य को बंद किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रबंधक की होगी।
यूनियन की अध्यक्ष सुनामनी और एरिया कमेटी के महासचिव कुलदीप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अस्पताल के सफाई कर्मियों को सेमिसकिल्ड की कैटेगरी में मई 2015 से रखा है और सेमिसकिल्ड को न्यूनतम वेतन 15.55 रुपये अधिक मिलना था। लेकिन वर्ष 2015 से लेकर अभी तक अस्पताल प्रशासन ने मजदूरों को यह पैसा नहीं दिया, जो 2 साल के एरियर के हिसाब से 11 हजार रुपये बनते हैं। यूनियन ने अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार को मई माह तक एरियर को लागू करने का समय दिया था। लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया। प्रदेश सरकार भी मजदूरों के प्रति गंभीर नहीं है। इस दौरान ठेका मजदूर यूनियन के कोषाध्यक्ष अजय, रानी, सूरज, शीलू, गनेश, राजन, अमित, रेखा आदि उपस्थित रहे।
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