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एक और प्रधान का फर्जी निकला जाति प्रमाण पत्र,निरस्त
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:49 AM IST
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एक और प्रधान का फर्जी निकला जाति प्रमाण पत्र,निरस्त
सैदनगर (रामपुर)।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप में एक और प्रधान फंस गया है। शिकायत के आधार पर की गई जांच में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है,जिस पर डीएम ने उनका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया।
फजर्ञी प्रमाण पत्र के सहारे प्रधान बनने का यह मामला ब्लाक के बेनजीरपुर उर्फ घाटमपुर गांव का है। घाटमपुर गांव के प्रधान का पद पिछड़ी जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। इस पद पर अफसर जहां पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ी थीं और वह चुनाव जीत भी गई थीं। इस गांव के राजेंद्र कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था,जिसमें आरोप लगाया गया था कि बेनजीरपुरा की प्रधान अफसर जहां के पास झोजा जाति का प्रमाण पत्र है इसी के आधार पर चुनाव लड़ी थीं और जीती भी थीं। आरोप है कि अफसर जहां झोजा जाति की नहीं हैं। इसके लिए उसने सुबूत भी पेश किए थे। शिकायत के बाद डीएम ने कमिश्नर के आदेश का हवाला देत हुए तहसीलदार सदर और तहसीलदार मुरादाबाद को इस मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान पाया गया कि अफसर जहां के पिता मोहम्मद नबी खबड़िया मुरादाबाद के हैं और वह तुर्क जाति के हैं जो कि पिछड़ा वर्ग में नहीं आती है। अफसर का निकाह खुर्शीद से हुआ। खुर्शीद भी तुर्क जाति का है। लिहाजा उसने झोजा जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया। उसने अपने पिता की जाति के आधार पर फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनवाया। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है,जिसके आधार पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने अफसर जहां का झोजा जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। साथ ही इस मामले की रिपोर्ट कमिश्नर को भी भेज दी है।
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सैदनगर (रामपुर)।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप में एक और प्रधान फंस गया है। शिकायत के आधार पर की गई जांच में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है,जिस पर डीएम ने उनका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया।
फजर्ञी प्रमाण पत्र के सहारे प्रधान बनने का यह मामला ब्लाक के बेनजीरपुर उर्फ घाटमपुर गांव का है। घाटमपुर गांव के प्रधान का पद पिछड़ी जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। इस पद पर अफसर जहां पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ी थीं और वह चुनाव जीत भी गई थीं। इस गांव के राजेंद्र कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था,जिसमें आरोप लगाया गया था कि बेनजीरपुरा की प्रधान अफसर जहां के पास झोजा जाति का प्रमाण पत्र है इसी के आधार पर चुनाव लड़ी थीं और जीती भी थीं। आरोप है कि अफसर जहां झोजा जाति की नहीं हैं। इसके लिए उसने सुबूत भी पेश किए थे। शिकायत के बाद डीएम ने कमिश्नर के आदेश का हवाला देत हुए तहसीलदार सदर और तहसीलदार मुरादाबाद को इस मामले की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान पाया गया कि अफसर जहां के पिता मोहम्मद नबी खबड़िया मुरादाबाद के हैं और वह तुर्क जाति के हैं जो कि पिछड़ा वर्ग में नहीं आती है। अफसर का निकाह खुर्शीद से हुआ। खुर्शीद भी तुर्क जाति का है। लिहाजा उसने झोजा जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया। उसने अपने पिता की जाति के आधार पर फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनवाया। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है,जिसके आधार पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने अफसर जहां का झोजा जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है। साथ ही इस मामले की रिपोर्ट कमिश्नर को भी भेज दी है।
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