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12 लाख को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की टेबलेट
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रामपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान की शुरुआत मंगलवार से की गई है। इसमें एक से 19 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं, किशोर-किशोरियों और युवाओं को एल्बेंडाजोल टैबलेट खिलाई जाएगी। इसके लिए जिले में 12 लाख टैबलेट खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को सीएमओ ने टैबलेट खिलाकर अभियान की शुरुआत की है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक प्रभारी उवैस ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान मंगलवार से प्रारंभ हो गया है। इसमें आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पेट के कीड़े मारने वाली एल्बेंडाजोल की गोली एक से 19 साल तक के बालक और बालिकाओं,किशोर और किशोरियों को खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या अन्य कोई दवा ले रहे हैं। उन्हें कृमि नियंत्रण के लिए एल्बेंडाजोल की गोली नहीं खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के नंगे पैर खेलने, घूमने, बिना हाथ धोए खाना खाने, खुले में शौच करने, फल व सब्जियां बिना धोए खाने और दूषित खाना खाने से यह कृमि यानी पेट के कीड़े उत्पन्न होते हैं। कहा कि बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए हर छह महीने में एल्बेंडाजोल (पेट के कीड़े मारने वाली दवा) खिलानी चाहिए। पेट में कीड़े होने से कुपोषण और खून की कमी हो जाती है। एक से 19 साल तक के सभी बच्चों को छह माह में एक बार यह दवा लेनी चाहिए। एल्बेंडाजोल टैबलेट आंगनबाड़ी केंद्रों में और 6 से 19 वर्ष तक के बच्चों, किशोर-किशोरियों को स्कूलों में खिलाई जाती है। बताया कि जनपद में 12 लाख टैबलेट खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक प्रभारी उवैस ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान मंगलवार से प्रारंभ हो गया है। इसमें आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पेट के कीड़े मारने वाली एल्बेंडाजोल की गोली एक से 19 साल तक के बालक और बालिकाओं,किशोर और किशोरियों को खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे बीमार हैं या अन्य कोई दवा ले रहे हैं। उन्हें कृमि नियंत्रण के लिए एल्बेंडाजोल की गोली नहीं खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के नंगे पैर खेलने, घूमने, बिना हाथ धोए खाना खाने, खुले में शौच करने, फल व सब्जियां बिना धोए खाने और दूषित खाना खाने से यह कृमि यानी पेट के कीड़े उत्पन्न होते हैं। कहा कि बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए हर छह महीने में एल्बेंडाजोल (पेट के कीड़े मारने वाली दवा) खिलानी चाहिए। पेट में कीड़े होने से कुपोषण और खून की कमी हो जाती है। एक से 19 साल तक के सभी बच्चों को छह माह में एक बार यह दवा लेनी चाहिए। एल्बेंडाजोल टैबलेट आंगनबाड़ी केंद्रों में और 6 से 19 वर्ष तक के बच्चों, किशोर-किशोरियों को स्कूलों में खिलाई जाती है। बताया कि जनपद में 12 लाख टैबलेट खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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