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फारुखी मेडिकल हॉल का लाइसेंस निरस्त, दुकान बंद कराई
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रायबरेली। शहर के सुपर मार्केट में डेढ़ साल से संचालित फारुखी मेडिकल हॉल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अधूरे कागजात के सहारे लाइसेंस बनवाने का मामला पकड़ में आने के बाद औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) ने कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठानों को बंद कराने के आदेश दिए।
आदेश के अनुपालन में औषधि लिपिक अरुण कुमार मिश्रा की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और प्रतिष्ठान को बंद कराने के साथ ही निरस्तीकरण आदेश चस्पा कराया।
शहर के सुपर मार्केट में फारुखी मेडिकल हॉल संचालित था। थोक दवा बिक्री का लाइसेंस 30 जनवरी 2020 को जारी किया गया था। तत्कालीन औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने अधूरे कागजात होने के बाद भी लाइसेंस जारी करवा दिया था।
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बाद में मामला पकड़ में आने के बाद औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) प्रतिष्ठान के संचालक को नोटिस देकर किरायानामा व अन्य प्रपत्र उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। अधूरे प्रपत्रों पर दवा का लाइसेंस लिए जाने पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) के आदेश पर औषधि लिपिक व शहर कोतवाली पुलिस की टीम ने सुपर मार्केट पहुंचकर आदेश को चस्पा कराने के साथ ही प्रतिष्ठान को बंद करवा दिया। औषधि लिपिक अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि दुकान के संचालकों को डाक से आदेश भेजा गया, लेकिन डाक वापस आने के बाद मौके पर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कराई गई है।
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आदेश के अनुपालन में औषधि लिपिक अरुण कुमार मिश्रा की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और प्रतिष्ठान को बंद कराने के साथ ही निरस्तीकरण आदेश चस्पा कराया।
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शहर के सुपर मार्केट में फारुखी मेडिकल हॉल संचालित था। थोक दवा बिक्री का लाइसेंस 30 जनवरी 2020 को जारी किया गया था। तत्कालीन औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने अधूरे कागजात होने के बाद भी लाइसेंस जारी करवा दिया था।
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बाद में मामला पकड़ में आने के बाद औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) प्रतिष्ठान के संचालक को नोटिस देकर किरायानामा व अन्य प्रपत्र उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। अधूरे प्रपत्रों पर दवा का लाइसेंस लिए जाने पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) के आदेश पर औषधि लिपिक व शहर कोतवाली पुलिस की टीम ने सुपर मार्केट पहुंचकर आदेश को चस्पा कराने के साथ ही प्रतिष्ठान को बंद करवा दिया। औषधि लिपिक अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि दुकान के संचालकों को डाक से आदेश भेजा गया, लेकिन डाक वापस आने के बाद मौके पर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कराई गई है।