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बीमा कंपनी पर जुर्माना
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2015 12:31 AM IST
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वाहन मालिक को इंश्योरेंस का लाभ न देना आईसीआईसीआई लुंबार्ड बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद फोरम ने न सिर्फ कंपनी पर एक हजार का जुर्माना ठोंका, बल्कि ब्याज के साथ बीमा राशि देने के आदेश भी दिए हैं। बीमा कंपनी को पहले सिर्फ 2.45 लाख ही देने पड़ते, वहीं अब लाखों का ब्याज ही देना पड़ेगा।
सलोन तहसील के गोपालपुर निवासी रामजी मौर्या ने वर्ष 2007 में एक मिनी लोडर खरीदा था। इसका आईसीआईसीआई लुंबार्ड इंश्योरेंस कंपनी से 245000 रुपये का इंश्योरेंस कराया था। इसी बीच वर्ष 2008 में मिनी लोडर दुर्घटना में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
वाहन मालिक की सूचना पर बीमा कंपनी के सर्वेयर ने वाहन का सर्वे किया, लेकिन इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिला। वाहन मालिक ने कई बार कंपनी के अफसरों से मुलाकात की, पर नतीजा सिफर रहा। हर बार उसे लौटा दिया जाता। इस पर उसने उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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मामले की सुनवाई करने के बाद फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को बीमा की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय ने वर्ष 2008 से भुगतान की तिथि तक आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश भी दिए हैं।
साथ ही एक हजार का जुर्माना ठोंका और पांच सौ रुपये का वाद खर्च देने को कहा गया है। फोरम ने कंपनी को दो माह के अंदर पूरा भुगतान वाहन स्वामी को देने के निर्देश दिए हैं।
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सलोन तहसील के गोपालपुर निवासी रामजी मौर्या ने वर्ष 2007 में एक मिनी लोडर खरीदा था। इसका आईसीआईसीआई लुंबार्ड इंश्योरेंस कंपनी से 245000 रुपये का इंश्योरेंस कराया था। इसी बीच वर्ष 2008 में मिनी लोडर दुर्घटना में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
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वाहन मालिक की सूचना पर बीमा कंपनी के सर्वेयर ने वाहन का सर्वे किया, लेकिन इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिला। वाहन मालिक ने कई बार कंपनी के अफसरों से मुलाकात की, पर नतीजा सिफर रहा। हर बार उसे लौटा दिया जाता। इस पर उसने उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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मामले की सुनवाई करने के बाद फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को बीमा की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं फोरम के अध्यक्ष लालता प्रसाद पांडेय ने वर्ष 2008 से भुगतान की तिथि तक आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश भी दिए हैं।
साथ ही एक हजार का जुर्माना ठोंका और पांच सौ रुपये का वाद खर्च देने को कहा गया है। फोरम ने कंपनी को दो माह के अंदर पूरा भुगतान वाहन स्वामी को देने के निर्देश दिए हैं।