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चुनावी रंजिश में बवाल : हॉकी-डंडों से पीटा, असलहों से फायरिंग, महिला समेत सात घायल
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चुनावी रंजिश में की गई फायरिंग के बाद गांव में तैनात पुलिस।
- फोटो : RAIBARAILY
डीह (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के पूरे दुलमी मजरे पोठई गांव में शुक्रवार रात चुनावी रंजिश में बवाल हो गया। जमकर हॉकी-डंडे चले। असलहों से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इससे गांव में दहशत फैल गई।
बवाल में अनुसूचित जाति की एक महिला समेत सात लोग घायल हो गए। इसमें से किसी को गोली के छर्रे से तो कोई हॉकी-डंडे की पिटाई से घायल हुआ। एक घंटे तक गांव में खूब बवाल हुआ।
तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई। इलाज के लिए घायलों को अस्पताल भेजा गया। मामले में 31 हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से चार को हिरासत में लिया गया है।
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डीह थाना क्षेत्र के पूरे दुलमी मजरे पोठई गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की चंदा पत्नी कन्हैया लाल गांव की महिला प्रधान पद की दावेदार संपदा देवी के चुनाव प्रचार में चली गई थी। यह बात पड़ोस के बच्चन मिश्रा को नागवार गुजरी।
दरअसल, बच्चन दूसरे प्रत्याशी का सपोर्ट कर रहे हैं। इसी बात को लेकर रात में बच्चन मिश्रा और चंदा देवी में कहासुनी हो गई। इसके बाद बच्चन ने फोन पर दो दर्जन से अधिक लोगों को बुला लिया।
गांव पहुंचे असलहों व हॉकी डंडे से लैस लोगों ने दलित बस्ती में दहशत फैलाने के लिए जमकर फायरिंग की। गोली लगने से चंदा देवी घायल हो गई। इसके अलावा अन्य छह लोगों को भी गोली के छर्रे लगे, जिससे वह घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल चंदा देवी को इलाज के लिए सीएचसी लिए भेजा गया। अन्य घायल अस्पताल में इलाज कराने के बाद भाग खड़े हुुए।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित चंदा देवी की तहरीर पर बच्चनलाल, शंकरलाल, विनीत शुक्ला, अमित कुमार, अतुल कुमार एवं अंबिकेश और 20-25 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया हैै। चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनके पास से अवैध असलहे बरामद किए गए हैं। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।
घटना में पुलिस की खामी उजागर
पंचायत चुनाव को लेकर सतर्कता बरतने का दावा डीह पुलिस का खोखला साबित हुआ। चुनाव को लेकर एसपी ने अवैध शस्त्रों की बरामदगी करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद भी हमलावरों के पास अवैध असलहे कहां से आए, यह बड़ा सवाल है। वैसे भी थानेदार की सुस्त कार्यशैली की वजह से आए दिन विवाद क्षेत्र में हो रहे हैं। ऐसे में सकुशल पंचायत चुनाव कराना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। गांव में पुलिस-पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं, जो लोगों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा, कुछ बोलने को तैयार नहीं लोग
शुक्रवार रात हुए बवाल के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। लोगों में दहशत इतनी है कि वह एक दूसरे से बात करने से कतरा रहे हैं। रात में तो बवाल होने पर काफी लोग दहशत के मारे गांव छोड़कर भाग खड़े हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस पहले से सख्ती बरतती तो इस तरह की नौबत न आती। थानेदार को तत्काल हटा देना चाहिए।
पूरे दुलमी मजरे पोठई गांव में हुए बवाल के बाद गांव में अब शांति का माहौल है। पुलिस-पीएसी के जवान लोगों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोग डरें नहीं। दहशत में न आएं। निर्भीक होकर मतदान वाले दिन बूथों पर जाकर अपने समर्थित प्रत्याशी को वोट करें।
विश्वजीत श्रीवास्तव, एएसपी
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बवाल में अनुसूचित जाति की एक महिला समेत सात लोग घायल हो गए। इसमें से किसी को गोली के छर्रे से तो कोई हॉकी-डंडे की पिटाई से घायल हुआ। एक घंटे तक गांव में खूब बवाल हुआ।
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तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई। इलाज के लिए घायलों को अस्पताल भेजा गया। मामले में 31 हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से चार को हिरासत में लिया गया है।
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डीह थाना क्षेत्र के पूरे दुलमी मजरे पोठई गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की चंदा पत्नी कन्हैया लाल गांव की महिला प्रधान पद की दावेदार संपदा देवी के चुनाव प्रचार में चली गई थी। यह बात पड़ोस के बच्चन मिश्रा को नागवार गुजरी।
दरअसल, बच्चन दूसरे प्रत्याशी का सपोर्ट कर रहे हैं। इसी बात को लेकर रात में बच्चन मिश्रा और चंदा देवी में कहासुनी हो गई। इसके बाद बच्चन ने फोन पर दो दर्जन से अधिक लोगों को बुला लिया।
गांव पहुंचे असलहों व हॉकी डंडे से लैस लोगों ने दलित बस्ती में दहशत फैलाने के लिए जमकर फायरिंग की। गोली लगने से चंदा देवी घायल हो गई। इसके अलावा अन्य छह लोगों को भी गोली के छर्रे लगे, जिससे वह घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल चंदा देवी को इलाज के लिए सीएचसी लिए भेजा गया। अन्य घायल अस्पताल में इलाज कराने के बाद भाग खड़े हुुए।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित चंदा देवी की तहरीर पर बच्चनलाल, शंकरलाल, विनीत शुक्ला, अमित कुमार, अतुल कुमार एवं अंबिकेश और 20-25 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया हैै। चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनके पास से अवैध असलहे बरामद किए गए हैं। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है।
घटना में पुलिस की खामी उजागर
पंचायत चुनाव को लेकर सतर्कता बरतने का दावा डीह पुलिस का खोखला साबित हुआ। चुनाव को लेकर एसपी ने अवैध शस्त्रों की बरामदगी करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद भी हमलावरों के पास अवैध असलहे कहां से आए, यह बड़ा सवाल है। वैसे भी थानेदार की सुस्त कार्यशैली की वजह से आए दिन विवाद क्षेत्र में हो रहे हैं। ऐसे में सकुशल पंचायत चुनाव कराना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। गांव में पुलिस-पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं, जो लोगों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा, कुछ बोलने को तैयार नहीं लोग
शुक्रवार रात हुए बवाल के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। लोगों में दहशत इतनी है कि वह एक दूसरे से बात करने से कतरा रहे हैं। रात में तो बवाल होने पर काफी लोग दहशत के मारे गांव छोड़कर भाग खड़े हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस पहले से सख्ती बरतती तो इस तरह की नौबत न आती। थानेदार को तत्काल हटा देना चाहिए।
पूरे दुलमी मजरे पोठई गांव में हुए बवाल के बाद गांव में अब शांति का माहौल है। पुलिस-पीएसी के जवान लोगों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोग डरें नहीं। दहशत में न आएं। निर्भीक होकर मतदान वाले दिन बूथों पर जाकर अपने समर्थित प्रत्याशी को वोट करें।
विश्वजीत श्रीवास्तव, एएसपी