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बंदी ने गला काट किया जान देने का प्रयास
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:17 AM IST
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- फोटो : demo
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दीवानी कचहरी पेशी पर आए बंदी ने गुरुवार को गला काटकर जान देने का प्रयास किया। इस घटना से कचहरी में हड़कंप मच गया। गुस्साए साथी बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ हंगामा भी किया। घायल बंदी को आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जहां जिला अस्पताल में घायल बंदी ने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। लॉकअप प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने बंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गल्ला मंडी निवासी चांदबाबू एनडीपीएस, चोरी आदि के मामले में जिला कारागार में दो साल से बंद है।
गुरुवार सुबह उसे पेशी पर दीवानी कचहरी लाया गया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे कचहरी स्थित लॉकअप में रखा गया था। इसी दौरान चांदबाबू ने किसी धारदार हथियार से गला काटकर जान देने की कोशिश की। देखते ही देखते वह खून से लतपथ हो गया।
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यह देख लॉकअप के अंदर बंद अन्य साथी बंदियों में हड़कंप मच गया। गुस्साए साथी बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर सदर कोतवाल सुधीर चंद्र पांडेय, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने किसी तरह बंदियों को शांत करा घायल बंदी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका इलाज किया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान घायल बंदी चांदबाबू ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जेल के अंदर बंदियों का उत्पीड़न किया जाता है।
मारपीट व धन उगाही की जाती है। कोतवाल ने बताया कि बंदी ने गला काटकर जान देने का प्रयास किया था। लॉकअप प्रभारी एसएन मिश्र की तहरीर पर बंदी चांदबाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। इलाज कराने के बाद बंदी को फिर जेल भिजवा दिया गया।
9 दिसंबर को जिला कारागार से पेशी पर लाए गए बंदी दिलशाद ने ब्लेड से गला काटकर खुदकुशी का प्रयास किया था। बंदी दिलशाद ने आरोप लगाया था कि जेलर की ओर से बंदियों का उत्पीड़न किया जाता है। मारपीट की जाती है।
जेल के अंदर 20 रुपये में दाढ़ी बनाई जाती है। वह जेल के अंदर से ब्लेड लेकर आया था। उसने यह भी बताया था कि अफीम, चरस तक जेल के अंदर बिकती है। विरोध करने वाले बंदियों को निशाना बनाया जाता है।
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जहां जिला अस्पताल में घायल बंदी ने जेल प्रशासन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। लॉकअप प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने बंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गल्ला मंडी निवासी चांदबाबू एनडीपीएस, चोरी आदि के मामले में जिला कारागार में दो साल से बंद है।
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गुरुवार सुबह उसे पेशी पर दीवानी कचहरी लाया गया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे कचहरी स्थित लॉकअप में रखा गया था। इसी दौरान चांदबाबू ने किसी धारदार हथियार से गला काटकर जान देने की कोशिश की। देखते ही देखते वह खून से लतपथ हो गया।
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यह देख लॉकअप के अंदर बंद अन्य साथी बंदियों में हड़कंप मच गया। गुस्साए साथी बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर सदर कोतवाल सुधीर चंद्र पांडेय, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने किसी तरह बंदियों को शांत करा घायल बंदी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका इलाज किया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान घायल बंदी चांदबाबू ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि जेल के अंदर बंदियों का उत्पीड़न किया जाता है।
मारपीट व धन उगाही की जाती है। कोतवाल ने बताया कि बंदी ने गला काटकर जान देने का प्रयास किया था। लॉकअप प्रभारी एसएन मिश्र की तहरीर पर बंदी चांदबाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। इलाज कराने के बाद बंदी को फिर जेल भिजवा दिया गया।
9 दिसंबर को जिला कारागार से पेशी पर लाए गए बंदी दिलशाद ने ब्लेड से गला काटकर खुदकुशी का प्रयास किया था। बंदी दिलशाद ने आरोप लगाया था कि जेलर की ओर से बंदियों का उत्पीड़न किया जाता है। मारपीट की जाती है।
जेल के अंदर 20 रुपये में दाढ़ी बनाई जाती है। वह जेल के अंदर से ब्लेड लेकर आया था। उसने यह भी बताया था कि अफीम, चरस तक जेल के अंदर बिकती है। विरोध करने वाले बंदियों को निशाना बनाया जाता है।
जेल अधीक्षक अमिता दुबे का कहना है कि बंदी चांदबाबू के लॉकअप में गला काटकर खुदकुशी का प्रयास किए जाने की जानकारी हुई है। बंदियों का उत्पीड़न नहीं होता है। बंदी ने जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई कराई जाएगी। पूरे मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।