दहेज के लिए मां-बेटे को जलाकर मार डाला
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पुलिस ने घटना की जांच की और शवों को पीएम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता की तहरीर पुलिस ने पति समेत पांच लाोगाें के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। लखनऊ जिले के नगराम थाना क्षेत्र के माया असलम नगर की रहने वाली शांती (25) की शादी वर्ष 2013 में शिवगढ़ थाना क्षेत्र के द्वंदगढ़ निवासी राजेश के साथ हुई थी। राजेश मनरेगा श्रमिक है। सुबह अचानक घर के अंदर से धुआं उठा तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
ग्रामीण घर के अंदर पहुंचे तो देखा कि शांती व उसका डेढ़ वर्षीय बेटा रचित आग की चपेट में आ गए हैं। किसी तरह ग्रामीणों ने आग को बुझाया, लेकिन तब तक मां-बेटे गंभीर रूप से झुलस चुके थे। सीएचसी के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में बेटे रचित की मौत हो गई, जबकि शांती की लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। दोनों के शरीर से केरोसिन महक रहा था।
घटना की सूचना पर मायका पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। महिला के पिता रामदीन और मां माधुरी का आरोप है कि दहेज की खातिर उसकी बेटी शांती का उत्पीड़न किया जा रहा था। दहेज में बाइक व नगदी की डिमांड पूरी न होने पर शांती व उसके बेटे रचित को जलाकर मार दिया गया। घटना पति, ससुर सूर्यपाल और सास ने मिलकर किया है। कहना है कि छह महीने पहले भी दोनों को जलाने का प्रयास किया था, लेकिन बच गए थे।
सीओ गोपीनाथ सोनी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की। सीओ का कहना है कि महिला खाना बना रही थी, तभी आग की चपेट में आ गई। इसमें महिला व उसके बेटे की मौत की बात सामने आई है। मृतका के देवर प्रमोद ने आग से जलकर मौत की सूचना दी है। मायका पक्ष की ओर से मिली तहरीर के आधार पर मामले में पति, सास, ससुर, व दाो देवराों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद से मौके पर पहुंचे पति का कहना है कि वह मनरेगा में मजदूरी करता है। सुबह सेंहगो खानपुर मजदूरी करने गया था। इसी बीच उसकी पत्नी व बेटे की आग से जलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचा तो दोनों की मौत हो चुकी थी।