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रायबरेली में फिर जांच करने पहुंची सीबीआई

Wed, 07 Aug 2019 01:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2019 01:15 AM IST
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CBI arrived to investigate again in Rae Bareli
रायबरेली में मंगलवार को कानपुर हाईवे पर घटनास्थल की जांच करती सीबीआई। - फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। यदि ट्रक की कमानी न टूटती तो इस प्रकरण की जांच करना पुलिस के साथ ही सीबीआई के लिए भी मुश्किल हो जाता। घटना के बाद चालक गाड़ी लेकर फरार हो जाता। ट्रक के नंबर पर कालिख पोती थी। इसलिए गाड़ी नंबर और चालक के बारे पता लगाना मुश्किल हो जाता। कानपुर हाईवे पर घटनास्थल पर मंगलवार को जांच के दौरान सीबीआई अधिकारियों के बीच यही गुफ्तगू हो रही थी।
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टीम ने घटनास्थल पर कई घंटे रुककर इंच दर इंच नापजोख की और जानने की कोशिश की कि यह प्रकरण हादसा है या फिर इसको लेकर कोई साजिश रची गई थी। सीबीआई की 11 सदस्यीय टीम एक बार फिर उन्नाव कांड की जांच करने के लिए सुबह घटनास्थल पर पहुंची। इसमें आईआईटी दिल्ली के टेक्निकल विभाग और फोरेंसिक विभाग के अधिकारी शामिल थे।
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टीम ने पहले पूरे घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया। हादसे वाले ट्रक को कई बार चेक किया। घटनास्थल पर फीते से कई बार नापजोख की। घटनास्थल की फोटो भी खींचे। रायबरेली की फोरेंसिक प्रभारी डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी से अब तक घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के बारे में पूछताछ की। सीबीआई के अफसरों ने घटनास्थल पर करीब पांच घंटे तक पड़ताल की।
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अधिकारी इस बात को लेकर आपस में चर्चा कि ट्रक की स्पीड तेज थी। कमानी न टूटती तो चालक ट्रक लेकर फरार हो जाता है। ऐसे में इस प्रकरण की जांच करना आसान नहीं था। अफसरों ने घटनास्थल पर कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए गये। उन्नाव कांड की जांच कर रही सीबीआई सोमवार की रात अचानक जिला कारागार पहुंच गई।
सीबीआई ने जेलर ज्ञान प्रकाश तिवारी समेत अन्य अधिकारियों से जाना कि पीड़िता के चाचा के यहां बंद रहने के दौरान उससे मिलने कौन-कौन लोग आते थे। यह भी जानने की कोशिश की गई कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के आदमी तो उससे मिलने नहीं आते थे। सीबीआई ने कुछ बंदी रक्षकों से भी पूछताछ की।
करीब 11.30 बजे तक सीबीआई जेल के अंदर रही और जेल अफसरों से पूछताछ करती रही। उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता की चाची-मौैसी के मौत के मामले के विवेचक-गुरुबख्शगंज थानेदार राकेश सिंह मंगलवार को फिर सीबीआई ने लखनऊ तलब किया। विवेचक को तीसरी बार सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था।

सीबीआई ने घटना की तह तक जाने के लिए एक ढाबा मालिक से भी सोमवार की रात पूछताछ की। सूत्र बताते हैं कि घटना के बाद ट्रक चालक आशीष पाल, क्लीनर मोहन श्रीवास मौैके से फरार हो गए थे। घटनास्थल से कुछ दूरी स्थित एक ढाबा है। इसी ढाबे के मालिक ने चालक-क्लीनर को पुलिस के हवाले किया था।
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