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निजीकरण के विरोध में मनाया काला दिवस
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रायबरेली। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर रेलकर्मी आंदोलित हैं। रेलवे का निजीकरण और निगमीकरण किए जाने के खिलाफ रेल बचाओ देश बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मनाए जा रहे जनजागरण सप्ताह के तहत शनिवार को रेलवे कर्मचारियों ने नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के नेतृत्व में काला दिवस मनाया। सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। रात में कर्मचारियों ने अपने घरों की बत्ती भी 10 मिनट के लिए बंद कर विरोध जताया।
एआईआरएफ के आह्वान पर एनआरएयू ने जनजागरण सप्ताह मनाया। इसके तहत हर रोज किसी न किसी तरीके से निगमीकरण और निजीकरण का विरोध किया गया। काला दिवस मनाने से पहले यूनियन पदाधिकारियों और रेलवे कर्मचारियों ने वर्ष 1968 के अमर शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, फिर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
यूनियन के सहायक मंडल मंत्री सुधीर तिवारी ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के साथ ही निगमीकरण एवं निजीकरण के विरोध में काला दिवस मनाया गया। कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों ने ट्विटर के माध्यम से भी विरोध जताया।
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जनजागरण सप्ताह के अंतिम दिन रेलवे कर्मचारियों ने रात आठ बजे 10 मिनट तक अपने घरों की बत्ती भी बंद की। सहायक मंडल मंत्री ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण और निगमीकरण को तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं करेगी तो आने वाले समय में रेलकर्मी कोई बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। प्रदर्शन में राकेश कुमार, राजू श्रीवास्तव, विजय कालरा, बीके यादव, टी इस्लाम, जगदेई, डीडी शुक्ला, राहुल यादव व दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।
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एआईआरएफ के आह्वान पर एनआरएयू ने जनजागरण सप्ताह मनाया। इसके तहत हर रोज किसी न किसी तरीके से निगमीकरण और निजीकरण का विरोध किया गया। काला दिवस मनाने से पहले यूनियन पदाधिकारियों और रेलवे कर्मचारियों ने वर्ष 1968 के अमर शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, फिर काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
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यूनियन के सहायक मंडल मंत्री सुधीर तिवारी ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के साथ ही निगमीकरण एवं निजीकरण के विरोध में काला दिवस मनाया गया। कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों ने ट्विटर के माध्यम से भी विरोध जताया।
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जनजागरण सप्ताह के अंतिम दिन रेलवे कर्मचारियों ने रात आठ बजे 10 मिनट तक अपने घरों की बत्ती भी बंद की। सहायक मंडल मंत्री ने कहा कि यदि सरकार निजीकरण और निगमीकरण को तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं करेगी तो आने वाले समय में रेलकर्मी कोई बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। प्रदर्शन में राकेश कुमार, राजू श्रीवास्तव, विजय कालरा, बीके यादव, टी इस्लाम, जगदेई, डीडी शुक्ला, राहुल यादव व दिनेश कुमार आदि शामिल रहे।