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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में लापरवाही पड़ी भारी
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:16 AM IST
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40 स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोका, स्पष्टीकरण तलब
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारी और कर्मचारी न सिर्फ प्रदेश सरकार के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं, बल्कि सीएमओ तक को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में लापरवाही पाए जाने पर सीएमओ ने 40 स्वास्थ्य कर्मियों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया है। इसमें चिकित्सक, नेत्र परीक्षण अधिकारी, स्टाफ नर्स आदि शामिल हैं। सीएमओ ने स्पष्टीकरण भी तलब किया है। दो दिन के भीतर जवाब न देने पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत हर ब्लॉक में दो टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलोें में जाकर बच्चोें की सेहत परखती हैं और दवाएं देती हैं। यदि किसी बच्चे के हालत गंभीर होती है तो उसे रेफर भी करते हैं। इसकी सूचना विभाग को अवगत कराते हैं। सीएमओ डॉ. डीके सिंह की ओर से इसकी जांच कराई गई तो सीएचसी जतुआ टप्पा, डीह, जगतपुर, दीनशाहगौरा और सरेनी में गठित टीम में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से योजना के क्रियान्यवन में लापरवाही की बात सामने आई।
सीएमओ ने बताया कि डॉ. पंकज कुमार, डॉ. निशा वर्मा, डॉ. प्रियंका, डॉ. देवानंद चौधरी, डॉ. राजेश के अलावा फार्मासिस्ट, नेत्र परीक्षण अधिकारी, दंत चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम समेत 40 स्वास्थ्य कर्मियों का अगस्त माह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जवाब न देने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारी और कर्मचारी न सिर्फ प्रदेश सरकार के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं, बल्कि सीएमओ तक को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में लापरवाही पाए जाने पर सीएमओ ने 40 स्वास्थ्य कर्मियों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया है। इसमें चिकित्सक, नेत्र परीक्षण अधिकारी, स्टाफ नर्स आदि शामिल हैं। सीएमओ ने स्पष्टीकरण भी तलब किया है। दो दिन के भीतर जवाब न देने पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत हर ब्लॉक में दो टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलोें में जाकर बच्चोें की सेहत परखती हैं और दवाएं देती हैं। यदि किसी बच्चे के हालत गंभीर होती है तो उसे रेफर भी करते हैं। इसकी सूचना विभाग को अवगत कराते हैं। सीएमओ डॉ. डीके सिंह की ओर से इसकी जांच कराई गई तो सीएचसी जतुआ टप्पा, डीह, जगतपुर, दीनशाहगौरा और सरेनी में गठित टीम में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से योजना के क्रियान्यवन में लापरवाही की बात सामने आई।
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सीएमओ ने बताया कि डॉ. पंकज कुमार, डॉ. निशा वर्मा, डॉ. प्रियंका, डॉ. देवानंद चौधरी, डॉ. राजेश के अलावा फार्मासिस्ट, नेत्र परीक्षण अधिकारी, दंत चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम समेत 40 स्वास्थ्य कर्मियों का अगस्त माह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जवाब न देने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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