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दो सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे बीएसएनएल कर्मी
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:35 PM IST
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दो सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे बीएसएनएल कर्मी
रायबरेली। बीएसएनएल के अधिकारियोें व कर्मचारियों ने मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। सभी टीडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। एक स्वर में कहा कि केंद्र सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यही वजह है कि दो सूत्री मांगों को पूरा कराने मेें ध्यान नहीं दे रही है। यदि सरकार की उपेक्षा इसी तरह रही तो जल्द बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
बीएसएनल की सभी यूनियनों एवं एसोसिएशन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की। बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव आरपी चौधरी ने कहा कि तृतीय वेतनमान पुनरीक्षण करना और सरकार द्वारा बीएसएनएल से अलग कर एक सहायक टॉवर कंपनी बनाए जाने के निर्णय के विरोध को लेकर हड़ताल की जा रही है। 13 दिसंबर को भी हड़ताल रहेगी। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल कर्मियों के कठिन परिश्रम के परिणाम स्वरूप ही आज बीएसएनएल का ऑपरेटिव प्राफिट बढ़ा है। इस वजह से बीएसएनएल देश को सस्ती व सुलभ संचार सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इसलिए सरकार को बीएसएनएल कर्मियों का 1 जनवरी 2017 से वेतन पुनरीक्षण करने की संस्तुति शीघ्र कर देनी चाहिए। एसपी सिंह, हरिवंश मौर्य, राजेश कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से बीएसएनएल के लगभग सात हजार टॉवरों को अलग करके एक सहायक टॉवर कंपनी बनाया जाना कंपनी को एक रणनीत के तहत बेचने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी इसको लेकर कतई चुप नहीं बैठेंगे।
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रायबरेली। बीएसएनएल के अधिकारियोें व कर्मचारियों ने मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। सभी टीडीएम कार्यालय पर धरने पर बैठे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। एक स्वर में कहा कि केंद्र सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यही वजह है कि दो सूत्री मांगों को पूरा कराने मेें ध्यान नहीं दे रही है। यदि सरकार की उपेक्षा इसी तरह रही तो जल्द बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
बीएसएनल की सभी यूनियनों एवं एसोसिएशन के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की। बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव आरपी चौधरी ने कहा कि तृतीय वेतनमान पुनरीक्षण करना और सरकार द्वारा बीएसएनएल से अलग कर एक सहायक टॉवर कंपनी बनाए जाने के निर्णय के विरोध को लेकर हड़ताल की जा रही है। 13 दिसंबर को भी हड़ताल रहेगी। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल कर्मियों के कठिन परिश्रम के परिणाम स्वरूप ही आज बीएसएनएल का ऑपरेटिव प्राफिट बढ़ा है। इस वजह से बीएसएनएल देश को सस्ती व सुलभ संचार सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इसलिए सरकार को बीएसएनएल कर्मियों का 1 जनवरी 2017 से वेतन पुनरीक्षण करने की संस्तुति शीघ्र कर देनी चाहिए। एसपी सिंह, हरिवंश मौर्य, राजेश कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से बीएसएनएल के लगभग सात हजार टॉवरों को अलग करके एक सहायक टॉवर कंपनी बनाया जाना कंपनी को एक रणनीत के तहत बेचने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी इसको लेकर कतई चुप नहीं बैठेंगे।
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