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मासूमों को सर्दी ने जकड़ा, एसएनसीयू वार्ड फुल

Tue, 24 Dec 2019 11:54 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2019 11:54 PM IST
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Winter cold on children, difficulty in breathing
महिला अस्पताल में ठंड से पीड़ित एसएनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों का इलाज करते बाल रोग विशेषज्ञ। - फोटो : PRATAPGARH
लगातार बढ़ती ठंड बच्चों के लिए मुसीबत बन रही है। जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ रही है। बच्चे तुरंत निमोनिया व हाइपोर्थमिया की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी से फेफड़ा जाम होने के चलते उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सर्दी का सबसे ज्यादा असर नवजातों पर पड़ रहा है। डाक्टरों का कहना है कि इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चे के लिए घातक बन सकती है। नवजात बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण जिला अस्प्ताल का एसएनसीयू वार्ड इस समय फुल है।
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जिले में लगातार पड़ रही ठंड अब जानलेवा होने लगी है। सर्दी सबसे ज्यादा सितम शिशुओं पर ढा रही है। जन्म से 28 दिन तक के बच्चे हाइपोर्थमिया और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। ऐसी बीमारी से ग्रसित 16 बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। सभी शिशुओं को वार्मर में रखा गया है।
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कुछ बच्चे पीलिया से भी पीड़ित हैं। बच्चों को फोट थैरेपी दी गई। एसएनसीयू वार्ड में तैनात चिकित्सक एमएस खान ने बताया कि सर्दी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही शिशुओं को भारी पड़ जाती है। पैदा होने के बाद शिशु गंदगी व ठंड के चलते हाइपोर्थमिया की चपेट में आ जाते हैं। इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।
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शिशुओं के शरीर के भी संक्रमण फैलने लगता है। ऐसी दशा में बच्चों को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। थोड़ी भी लापरवाही बच्चों के लिए घातक साबित हो सकती है। शहर के प्राइवेट अस्पताल भी इन दिनों बच्चों से भरे हुए हैं। एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को सांस लेने में दिक्क्त हो रही है। निमोनिया के चलते उनका फेफड़ा सर्दी से जकड़ गया है। ऐसे में चिकित्सक उन्हें भाप देने की सलाह दे रहे हैं।
नवजात बच्चों को सर्दी से ऐसे रखें दूर
एसएनसीयू वार्ड के चिकित्सक डा. आरके पांडेय ने बताया कि सर्दी के मौसम में नवजात शिशुओं को गर्म कपड़ों में रखें। सर्दी होने पर बच्चों को मां का दूध जरूर पिलाना चाहिए। बच्चे का डायपर बदलते रहना चाहिए। हल्के गुनगुने पानी में कपड़ा भिगोकर बच्चे के शरीर को पोछते रहें।
तेजी से सांस खींचने पर कराएं चेकअप
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल गुप्ता का कहना है कि ठंड होने के बाद बच्चे सांस तेजी से ले सकते हैं। यदि सामान्य से अधिक तेज सांस चलने लगे तो उसे तत्काल डाक्टर के पास ले जाकर चेकअप कराएं। निमोनिया से बच्चे के सीने में इंफेक्शन बढ़ सकता है।

शिशुओं की साफ-सफाई का रखना होगा ध्यान
नवजात शिशुओं को सर्दी से बचाने के लिए मां को भी सावधानियां बरतने की जरूरत है। मां को सर्दी जुकाम होने पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इससे नवजात को बीमारी होने की संभावना कम होती है। यदि साफ-सफाई में लापरवाही बरती जाती रहेगी तो शिशु जल्दी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
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