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दीपों से रोशन हुई धरा, मिटा अंधियारा
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रानीगंज के बाराही धाम में दीपोत्सव पर सई घाट पर दीप जलाते लोग। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
ज्योति पर्व दीपावली जगमग दीपों के साथ बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाई गई। सूर्यदेव के अस्त होते ही दीप और आकर्षक झालरों से शहर और गांव ऐसे रोशन हुए मानो आसमान से तारे धरती पर उतर आए हों। लाई, चिउरा, गट्टा, खील के साथ ही पंचमेवा, मिठाई, फल अर्पित कर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा कर उनसे सुख-शांति और संपन्नता का आशीर्वाद मांगा गया। पूजन के उपरांत लाई, लावा, चिउरा, गट्टे तथा मिठाइयों का प्रसाद बांटा गया।
दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाने के लिए शहर और गांवों में दिनभर खरीदारी का दौर चलता रहा। शाम को घर आंगन, खेत-खलिहान में दीप जलाकर मां लक्ष्मी और गणेश का आह्वान किया गया। इससे पहले घरों की मुंडेर और कोनों की साफ-सफाई करने के साथ ही रंगोली सजाई गई।
आकर्षक झालरों से भी सजावट की गई। रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से सजी इमारतें दुल्हन सरीखी नजर आ रही थीं। ज्यादातर जगहों पर सजावट के लिए चाइनीज झालर का ही इस्तेमाल किया गया। घरों और प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक के साथ ही कृत्रिम फूलों से भी आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
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शहर के पंजाबी मार्केट, विवेक नगर, बलीपुर, अजीत नगर में घरों को ऐसा सजाया गया था, कि जैसे रात्रि की बेला नहीं, दिन की चकाचौंध हो। पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देख गया। शाम होते ही पंचमेवा, फल, मिठाई का भोग लगाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजन अर्चना की गई। पूजन-अर्चन में महिलाओं ने शामिल होकर मां लक्ष्मी के मस्तक पर सिंदूर का टीका लगाकर प्रसाद स्वरूप अपनी मांग में लगाया।
उन्होंने परिवार और पति की सलामती की प्रार्थना की। इस मौके पर कई जगह लोगों ने व्रत रखा और भजन गाए। दुकानों और प्रतिष्ठानों में व्यापारियों ने विधिवत पूजन -अर्चन किया। मां लक्ष्मी से कारोबार की वृद्धि की कामना के साथ ही मां लक्ष्मी के आने की प्रार्थना की।
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दिवाली का पर्व धूमधाम से मनाने के लिए शहर और गांवों में दिनभर खरीदारी का दौर चलता रहा। शाम को घर आंगन, खेत-खलिहान में दीप जलाकर मां लक्ष्मी और गणेश का आह्वान किया गया। इससे पहले घरों की मुंडेर और कोनों की साफ-सफाई करने के साथ ही रंगोली सजाई गई।
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आकर्षक झालरों से भी सजावट की गई। रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से सजी इमारतें दुल्हन सरीखी नजर आ रही थीं। ज्यादातर जगहों पर सजावट के लिए चाइनीज झालर का ही इस्तेमाल किया गया। घरों और प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक के साथ ही कृत्रिम फूलों से भी आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
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शहर के पंजाबी मार्केट, विवेक नगर, बलीपुर, अजीत नगर में घरों को ऐसा सजाया गया था, कि जैसे रात्रि की बेला नहीं, दिन की चकाचौंध हो। पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देख गया। शाम होते ही पंचमेवा, फल, मिठाई का भोग लगाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजन अर्चना की गई। पूजन-अर्चन में महिलाओं ने शामिल होकर मां लक्ष्मी के मस्तक पर सिंदूर का टीका लगाकर प्रसाद स्वरूप अपनी मांग में लगाया।
उन्होंने परिवार और पति की सलामती की प्रार्थना की। इस मौके पर कई जगह लोगों ने व्रत रखा और भजन गाए। दुकानों और प्रतिष्ठानों में व्यापारियों ने विधिवत पूजन -अर्चन किया। मां लक्ष्मी से कारोबार की वृद्धि की कामना के साथ ही मां लक्ष्मी के आने की प्रार्थना की।

दीपपर्व पर रंगोली बनाकर दीप जलाती बेटी। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

दीपपर्व पर फुलझड़ी जलाते बच्चे। संवाद- फोटो : PRATAPGARH