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राज्य विश्वविद्यालय: कॉलेज निर्धारित सीट से अधिक नहीं ले सकेंगे दाखिला
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education
नए सत्र से सरकारी, एडेड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेज निर्धारित सीटों से अधिक दाखिला नहीं कर सकेंगे। अब दाखिले की प्रक्रिया को राज्य विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कर दिया है। प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय ने सत्र 2021-2022 में कॉलेजों की सीटों का निर्धारण विषयों के आधार पर करने का फैसला किया है।
प्रत्येक विषय में 60 छात्र-छात्राओं का दाखिला होगा। जबकि पूर्व में शिक्षकों के आधार पर दाखिले की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। प्रति शिक्षक 60 छात्र-छात्राओं का दाखिला लिया जाता था। ऐेसे में एक-एक कॉलेजों में करीब दो हजार से अधिक स्नातक की सीटें होती थीं। वहीं अब विश्वविद्यालय के नए नियम से कॉलेजों को तगड़ा झटका लगा है। प्रत्येक कॉलेजों में लगभग एक हजार से अधिक सीटें कम हो गई हैं।
विश्वविद्यालय ने पारदर्शिता के लिए नामांकन की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। ऐसे में कॉलेज उतने ही छात्र-छात्राओं का नामांकन कर सकेंगे, जितनी उनके यहां सीटें आवंटित होंगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि निर्धारित सीटें भर जाने के बाद कॉलेज दाखिले की प्रक्रिया बंद कर देंगे। कुलपति डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि कॉलेजों की सीटें निर्धारित कर दी गई हैं। कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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अनुमति लेकर बढ़ा सकते हैं सीटें
विश्वविद्यालय से अनुमति लेकर कॉलेज अपनी आवंटित सीटों में वृद्धि कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहले विश्वविद्यालय में आवेदन करना होगा। उसके बाद विश्वविद्यालय की अनुमति से सीटें बढ़ाईं जाएंगी। लेकिन यह भी तय किया गया है कि प्रति विषय के आधार पर 20 सीटें ही बढ़ाई जाएंगी। इससे अधिक सीटें नहीं बढ़ाई जा सकेंगी।
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प्रत्येक विषय में 60 छात्र-छात्राओं का दाखिला होगा। जबकि पूर्व में शिक्षकों के आधार पर दाखिले की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। प्रति शिक्षक 60 छात्र-छात्राओं का दाखिला लिया जाता था। ऐेसे में एक-एक कॉलेजों में करीब दो हजार से अधिक स्नातक की सीटें होती थीं। वहीं अब विश्वविद्यालय के नए नियम से कॉलेजों को तगड़ा झटका लगा है। प्रत्येक कॉलेजों में लगभग एक हजार से अधिक सीटें कम हो गई हैं।
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विश्वविद्यालय ने पारदर्शिता के लिए नामांकन की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। ऐसे में कॉलेज उतने ही छात्र-छात्राओं का नामांकन कर सकेंगे, जितनी उनके यहां सीटें आवंटित होंगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि निर्धारित सीटें भर जाने के बाद कॉलेज दाखिले की प्रक्रिया बंद कर देंगे। कुलपति डॉ. अखिलेश सिंह ने बताया कि कॉलेजों की सीटें निर्धारित कर दी गई हैं। कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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अनुमति लेकर बढ़ा सकते हैं सीटें
विश्वविद्यालय से अनुमति लेकर कॉलेज अपनी आवंटित सीटों में वृद्धि कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहले विश्वविद्यालय में आवेदन करना होगा। उसके बाद विश्वविद्यालय की अनुमति से सीटें बढ़ाईं जाएंगी। लेकिन यह भी तय किया गया है कि प्रति विषय के आधार पर 20 सीटें ही बढ़ाई जाएंगी। इससे अधिक सीटें नहीं बढ़ाई जा सकेंगी।