{"_id":"5dc1c1d78ebc3e5b314cdef4","slug":"smog-efect-in-belha-pratapgarh-news-ald2593794153","type":"story","status":"publish","title_hn":"धुंध के बीच दिखा सूरज, जहरीली हवा से बिगड़ी दमा के मरीजों की सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धुंध के बीच दिखा सूरज, जहरीली हवा से बिगड़ी दमा के मरीजों की सेहत
विज्ञापन
प्रतापगढ़। आसमान में स्मॉग की परत छाए रहने से वायु प्रदूषण का खतरा बरकरार है। हालांकि मंगलवार को सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन वह धुंध से बाहर नहीं निकल सके। इसके चलते हल्की धूप हुई। जिले में वायु प्रदूषण की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में लगातार कूड़ों में आग लगाई जा रही है। सुबह व शाम के समय सबसे अधिक लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
दिवाली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण का असर जनपद में भी पड़ा है। स्मॉग के छाए रहने से खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को जिले में वायु प्रदूषण का असर कम हुआ, लेकिन आसमान में धुंध शाम तक छाई रही। इस दौरान जिले का एक्यूआई (वायु प्रदूषण सूचकांक) 230 के करीब पहुंच गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रायबरेली के मनीष तिवारी के मुताबिक प्रतापगढ़ जनपद में वायु प्रदूषण का एक्यूआई घट रहा है। जहरीली हवा के चलते लोगों का सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। आंखों में जलन भी होती रही। सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन धुंध के चलते मौसम साफ नहीं हो सका। वाहन चलाने वाले लोगों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ा। बिना हेलमेट व चश्मे के बाइक चलाने वाले लोगों को सिरदर्द की शिकायत हुई।
अस्थमा के मरीजों की बढ़ी परेशानी
वायु प्रदूषण के चलते अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। जब से जिले में जहरीली हवा स्थिर हुई है तब से दमा के मरीजों की दिक्कत बढने लगी है। इसके साथ ही आंखों में जलन भी हो रही है। ब्लडप्रेशर के मरीजों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के सामने भी समस्या पैदा हो गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक अनुज चौरसिया ने बताया कि अस्थमा के मरीज मॉस्क लगाकर ही घर से निकलें। मॉस्क न हो तो रूमाल का प्रयोग करें। मौसम बदल रहा है, कूलर व एसी के सामने कदापि न बैठें और फ्रिज के पानी का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दें। सुबह मार्निंग वाक देर से निकलें। ब्लड प्रेशर के मरीज हर दूसरे व तीसरे दिन अपनी जांच कराते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिवाली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण का असर जनपद में भी पड़ा है। स्मॉग के छाए रहने से खांसी, जुकाम व अस्थमा के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को जिले में वायु प्रदूषण का असर कम हुआ, लेकिन आसमान में धुंध शाम तक छाई रही। इस दौरान जिले का एक्यूआई (वायु प्रदूषण सूचकांक) 230 के करीब पहुंच गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रायबरेली के मनीष तिवारी के मुताबिक प्रतापगढ़ जनपद में वायु प्रदूषण का एक्यूआई घट रहा है। जहरीली हवा के चलते लोगों का सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। आंखों में जलन भी होती रही। सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन धुंध के चलते मौसम साफ नहीं हो सका। वाहन चलाने वाले लोगों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ा। बिना हेलमेट व चश्मे के बाइक चलाने वाले लोगों को सिरदर्द की शिकायत हुई।
विज्ञापन
अस्थमा के मरीजों की बढ़ी परेशानी
वायु प्रदूषण के चलते अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। जब से जिले में जहरीली हवा स्थिर हुई है तब से दमा के मरीजों की दिक्कत बढने लगी है। इसके साथ ही आंखों में जलन भी हो रही है। ब्लडप्रेशर के मरीजों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के सामने भी समस्या पैदा हो गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक अनुज चौरसिया ने बताया कि अस्थमा के मरीज मॉस्क लगाकर ही घर से निकलें। मॉस्क न हो तो रूमाल का प्रयोग करें। मौसम बदल रहा है, कूलर व एसी के सामने कदापि न बैठें और फ्रिज के पानी का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दें। सुबह मार्निंग वाक देर से निकलें। ब्लड प्रेशर के मरीज हर दूसरे व तीसरे दिन अपनी जांच कराते रहें।
विज्ञापन