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फांसी लगाने से हुई थी साड़ी कारोबारी की मौत
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suicide
मिर्जापुर के साड़ी कारोबारी की फांसी लगाने से मौत हुई थी। बावजूद इसके पोस्टमार्टम के बाद डाक्टरों ने बिसरा सुरक्षित करते हुए जांच के लिए भेजा है। होटल प्रबंधन के ऊपर यह सवाल उठ रहा कि 30 घंटे तक कमरे की जांच करना बेहतर क्यों नहीं समझा। फिलहाल पुलिस अभी मामले की छानबीन कर रही है। परिवार के लोग भी मौन साधे रहे।
मिर्जापुर जनपद के महुअरिया थाना क्षेत्र के पक्काघाट दाउजी के मंदिर के करीब रहने वाले ध्रुवदास अग्रवाल साड़ी का कारोबार करते थे। वह बाबागंज स्थित स्नेह होटल में 29 अगस्त से आकर कमरा नंबर 206 में रुके थे। मंगलवार को करीब 11 बजे खाना खाने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकले। बुधवार को दिन भर उनका कमरा नहीं खुला। देर शाम उनके कमरे से दुर्गंध उठने लगी। जिसके बाद कर्मचारियों ने मामले की जानकारी मैनेजर व मालिक को दी। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खोला गया।
दरवाजे से ही ध्रुव की लाश लटक रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इस बीच ध्रुवदास के मोबाइल से परिवार के लोगों को पुलिस ने सूचना दी। कुछ देर बाद उनकी पत्नी अंजू भागकर पहुंची थी। अंजू पति से विवाद के बाद अपने मायके कटरारोड पर रहती हैं। बुधवार को पोस्टमार्टम के दौरान भी परिजन खामोश रहे।
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मृतक के दो बेटे व एक बेटी हैं, जो अपनी मां के साथ ही रहती हैं। साड़ी कारोबारी की मौत फांसी लगाने से हुई थी। इसके बावजूद डाक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रखते हुए जांच के लिए भेज दिया। नगर कोतवाल ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। परिवार के लोगों से भी बात की जाएगी। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मिर्जापुर चले गए हैं।
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मिर्जापुर जनपद के महुअरिया थाना क्षेत्र के पक्काघाट दाउजी के मंदिर के करीब रहने वाले ध्रुवदास अग्रवाल साड़ी का कारोबार करते थे। वह बाबागंज स्थित स्नेह होटल में 29 अगस्त से आकर कमरा नंबर 206 में रुके थे। मंगलवार को करीब 11 बजे खाना खाने के बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकले। बुधवार को दिन भर उनका कमरा नहीं खुला। देर शाम उनके कमरे से दुर्गंध उठने लगी। जिसके बाद कर्मचारियों ने मामले की जानकारी मैनेजर व मालिक को दी। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खोला गया।
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दरवाजे से ही ध्रुव की लाश लटक रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। इस बीच ध्रुवदास के मोबाइल से परिवार के लोगों को पुलिस ने सूचना दी। कुछ देर बाद उनकी पत्नी अंजू भागकर पहुंची थी। अंजू पति से विवाद के बाद अपने मायके कटरारोड पर रहती हैं। बुधवार को पोस्टमार्टम के दौरान भी परिजन खामोश रहे।
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मृतक के दो बेटे व एक बेटी हैं, जो अपनी मां के साथ ही रहती हैं। साड़ी कारोबारी की मौत फांसी लगाने से हुई थी। इसके बावजूद डाक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रखते हुए जांच के लिए भेज दिया। नगर कोतवाल ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। परिवार के लोगों से भी बात की जाएगी। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मिर्जापुर चले गए हैं।