प्रधान डाकघर में 1,10,56,000 रुपये का घपला उजागर होने के बाद चार सहायक पोस्टमास्टरों समेत छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इन कर्मचारियों ने एफडी और बचत खाताधारकों से रुपये लेने के बाद जमा नहीं किए। डाकघर में आए खाताधारकों की पासबुकों पर मुहर लगा दी गई। वर्ष 2013 में हुए घालमेल के मामले में प्रधान डाकघर में कार्यरत रहे 33 और कर्मचारी भी जांच के घेरे में हैं। सभी को नोटिस जारी किया गया है।
प्रधान डाकघर में वर्ष 2013 में लाखों रुपये के घालमेल की शिकायत हुई थी। एक खाताधारक ने आरोप लगाया था कि कुछ कर्मचारी खाताधारकों से रुपये लेने के बाद जमा नहीं कर रहे हैं। उनकी पासबुकों पर फर्जी तरीके से रुपये जमा होने की मुहर लगा दी जा रही है। मामले की जानकारी होने पर चीफ पीएमजी लखनऊ ने जांच के लिए टीम गठित कर दी। कर्मचारियों और अभिकर्ताओं के दबाव में लगभग सात साल तक फाइल दबी रही। हाल ही में पूरी हुई जांच में कुल 1,10,56,000 रुपये का गोलमाल सामने आया। घपले में संलिप्तता पाए जाने पर सहायक पोस्टमास्टर रामसुमेर यादव, दिनेश बहादुर सिंह, कविता यादव, शीतला प्रसाद मिश्र, एसबीसीओ अमित कुशवाहा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमरावती को निलंबित कर दिया गया है। जांच टीम के सदस्यों ने प्रधान डाकघर में पूर्व में कार्यरत रहे 33 और कर्मचारियों को आरोपी मानते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा है। सीनियर पोस्ट मास्टर विकास मिश्रा ने बताया कि जांच में घपला और कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर होने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।