Lok Sabha Elections : प्रतापगढ़ में सियासी प्रयोगों और बदलाव की बयार, अब मतदाता बताएंगे कौन है दमदार
यहां की सियासत राजघरानों-रियासतों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। 1957 में सीट के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक हुए 16 चुनावों में कालाकांकर राजघराने के राजा दिनेश सिंह चार बार, तो उनकी बेटी राजकुमारी रत्ना सिंह तीन बार सांसद बनीं।
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प्रतापगढ़ संसदीय सीट के इतिहास की चर्चा पूर्व राजघरानों-रियासतों के जिक्र के बिना अधूरी ही रहेगी। यहां की सियासत राजघरानों-रियासतों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। 1957 में सीट के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक हुए 16 चुनावों में कालाकांकर राजघराने के राजा दिनेश सिंह चार बार, तो उनकी बेटी राजकुमारी रत्ना सिंह तीन बार सांसद बनीं। वहीं, प्रतापगढ़ राजघराने के अजीत प्रताप सिंह दो बार और उनके बेटे अभय प्रताप सिंह एक बार जीते। अक्षय प्रताप की जीत को भी मिला दें तो कुल 11 चुनावों में राजघरानों के इर्द-गिर्द ही सियासत का पहिया घूमा।
आजादी से पहले देखें तो यहां के इतिहास के पन्नों पर पंडित मदन मोहन मालवीय की लेखनी की अमिट छाप है। वह छाप जिसने सोती हुई जनता को आजादी के लिए झकझोरा। देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने भी पदयात्रा कर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत यहीं से की थी। बहरहाल दलित, ब्राह्मण और ओबीसी मतदाता बहुल प्रतापगढ़ की सियासत प्रयोगों और बदलावों के दौर से गुजर रही है। यह सीट पिछले दो बार से भाजपा व उसके सहयोगी अपना दल (एस) के पास है। इस बार भाजपा के संगम लाल गुप्ता दोबारा मैदान में हैं, तो एमएलसी रहे एसपी सिंह पटेल सपा प्रत्याशी हैं। बसपा ने ब्राह्मण चेहरे प्रथमेश मिश्रा को मैदान में उतारा है।
मौजूदा समीकरणों में हर दल के काडर मतदाताओं की भूमिका अहम हो चली है। भाजपा सहयोगी अपना दल (एस) के साथ मिलकर पटेल मतदाताओं को रिझाने में जुटी है, तो सपा व बसपा ब्राह्मण मतदाताओं में सेंध लगाने में जुटी हंै। यही नहीं, ये दोनों दलित मतदाताओं को भी रिझाने में लगी हैं। मौजूदा सांसद के प्रति नाराजगी भी यहां मुद्दा है, जिसको विपक्ष के प्रत्याशी भुनाने में लगे हैं।
- यह सीट कितनी चुनौतीपूर्ण है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीएम, सीएम की सभाएं हो चुकी हैं और गृहमंत्री अमित शाह की दोबारा सभा प्रस्तावित है। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी पूरी ताकत लगाए हुए हैं।
- गलियों की खराब सड़कों, बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, आंवला पट्टी में एक भी फैक्टरी न होने जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष हमलावर है। वहीं, सत्तापक्ष बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास के नाम पर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहा है।
मतदाताओं के मन की बात
अमेठी से प्रतापगढ़ में प्रवेश करते ही कोहड़ौर बाजार में एक दुकान पर बैठे मिले श्रीप्रकाश दुबे चुनावी माहौल के सवाल पर कहते हैं, देखिए लड़ाई तो सपा-भाजपा के ही बीच है। पुल और सड़कें बनी हैं। विकास के लिए मोदी को लाना है। अभी दुबे की दलीलें खत्म भी नहीं हुई थीं कि ब्रजेंद्र कुमार बीच में कूद पड़े। बोले, सांसद तो मिलते ही नहीं। कोई काम भी नहीं करते हैं। पाइपलाइन पड़ी, पर पानी नहीं आया। नीरज पांडेय और नीलमणि भी कुछ ऐसा ही तर्क देते हैं। हालांकि, वे केंद्र-प्रदेश की परियोजनाओं को गिनाते हुए भाजपा को वोट देने की बात कहते हैं। आगे बढ़े तो अतरसंड गांव में मड़ई में बैठे बुजुर्ग रमाशंकर बोले, हमारी तरफ कुर्मी मतदाता भाजपा के साथ हैं। राशन, सम्मान निधि, गैस सिलिंडर सब मिल रहा है, अब क्या चाहिए?
छुट्टा पशु बने समस्या, रोजगार भी नहीं
पट्टी तहसील के सामने मिले गिरधारी यादव कहते हैं, छुट्टा पशु पूरी फसल चौपट कर दे रहे हैं। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। पीएम काम की नहीं, राम की बात करते हैं। अंबरीष बसपा प्रत्याशी प्रथमेश के सरल स्वभाव के मुरीद दिखे। वह बोले, काडर के साथ वह ब्राह्मणों का वोट भी पाएंगे। आगे उड़ैयाडीह कस्बे में मिले रितेश सिंह कहते हैं, क्षत्रिय-ब्राह्मण सांसद से नाराज हैं। पर, पीएम-सीएम के नाम पर उनको वोट मिल रहा है। रानीगंज तहसील में मिले शुभम तिवारी कहते हैं, सांसद बड़े नेताओं की तो सभा करा रहे हैं, लेकिन जनता के बीच नहीं पहुंच रहे।
- विश्वनाथगंज के सगरा सुंदरपुर में मिले ज्ञान प्रकाश मिश्रा कहते हैं, भाजपा अगर हारी तो उसका कारण पार्टी नहीं, सांसद होंगे। व्यापारी सदानंद बोले, केंद्र-राज्य की परियोजनाओं का तो लाभ मिला, लेकिन सांसद-विधायक ने कुछ नहीं किया। जगदीश मिश्रा कहते हैं, बगल की रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र के मुकाबले यहां कुछ काम नहीं हुआ।
जनता से धोखा, इस बार नहीं चलेगा
कांग्रेस के गढ़ विधानसभा क्षेत्र रामपुर खास में लोग अब भी पार्टी के साथ खड़े हैं। मुख्य बाजार में चल रही चर्चा में अरविंद पांडेय कहते हैं, जनता से दो बार धोखा किया जा चुका है। इस बार नहीं चलेगा। यहां जो भी किया विधायक ने किया, सांसद निधि से काम नहीं हुआ। बेनीलाल ने कहा कि मुख्य सड़क जाम रहती है, लेकिन एक बाईपास तक नहीं बना। अरुण मिश्रा ने भी क्षेत्र की जनता को केंद्र की योजनाओं का लाभ देने की बात कही।